थराली में बादल फटने से तबाही, युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान, एक शव बरामद

-हरेंद्र/महिपाल/कपरूवाण की रिपोर्ट-
देहरादून/ थराली, 23 अगस्त।चमोली जिले के थराली में शुक्रवार देर रात बादल फटने और भारी बारिश से आई आपदा के बाद पूरे क्षेत्र में युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। थराली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में भारी मलबा आने से कई मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सड़कों पर मलबा भर जाने और वाहनों के दबने से हालात गंभीर बने हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने जिला प्रशासन, SDRF, NDRF, सेना, ITBP व अन्य एजेंसियों को राहत कार्यों में पूरी ताकत से जुटने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन और सचिव आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विनोद कुमार सुमन लगातार चमोली प्रशासन से संपर्क बनाए हुए हैं और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) से पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मुख्य सचिव शनिवार सुबह ही देहरादून स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचे और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने राहत सामग्री और जरूरतों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारी मलबे से जनजीवन प्रभावित, 150 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
थराली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में भारी मलबा आने से 10 से 12 मकानों में मलबा घुस गया, जबकि 20 से 25 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा। कई दुकानों और वाहनों को भी नुकसान हुआ है। लगभग 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तहसील परिसर में ठहराया गया है। प्रभावितों के लिए भोजन, पानी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

युवती का शव बरामद, एक व्यक्ति लापता
आपदा में अब तक एक युवती का शव बरामद हुआ है। एक अन्य व्यक्ति की तलाश में SDRF और स्थानीय बचाव दल लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
150 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी मौके पर तैनात
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन के अनुसार, जिला प्रशासन, पुलिस बल, SDRF, NDRF, ITBP, सेना, विद्युत और लोक निर्माण विभाग समेत सभी एजेंसियों के 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। कर्णप्रयाग-थराली सड़क पर कई जगह मलबा जमा हो गया है, जिसे हटाने का काम चल रहा है। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने तैनात की मेडिकल टीमें
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि थराली में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 4 चिकित्सक, 6 स्टाफ नर्स, 1 फार्मासिस्ट, 1 ड्राइवर और जीवन रक्षक दवाएं अलर्ट मोड पर हैं। इसके अलावा अतिरिक्त 108 एम्बुलेंस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को भी भेजा गया है।
जमीनी स्तर पर पहुंचा प्रशासन, निगरानी कड़ी
जिलाधिकारी संदीप तिवारी खुद मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर सभी को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। बिजली आपूर्ति को फिलहाल एहतियातन बंद कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से ली जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के जनप्रतिनिधियों से फोन पर बातचीत कर हालात की विस्तृत जानकारी ली और उनसे प्रशासन की मदद करने की अपील की।
भारी बारिश से कई क्षेत्रों में नुकसान
कर्णप्रयाग-थराली मार्ग पर भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। देवालय और नारायणबगड़ विकासखंड के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और प्राथमिकता के आधार पर सड़क मार्ग बहाल करने का प्रयास हो रहा है।

📌 मुख्य बिंदु:
- थराली में बादल फटने से बड़ा नुकसान, कई घर-दुकान क्षतिग्रस्त।
- 150 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट, एक युवती का शव बरामद, एक व्यक्ति लापता।
- SDRF, NDRF, ITBP, सेना और पुलिस समेत 150 से अधिक कर्मी राहत कार्यों में जुटे।
- स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन मेडिकल टीमों को तैनात किया।
- मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताया और जनप्रतिनिधियों से सीधे बात की।
- मौसम खराब, हेलीकॉप्टर सेवाएं रोकनी पड़ीं।

