शोधकर्ताओं ने कम तापमान पर ऐसे अत्यधिक क्रिस्टलीय पाइराइट का संश्लेषण किया है जो उच्च ऊर्जा घनत्व वाले सुपरकैपेसिटर बनाने के लिए उपयोगी हैं
Transition metal sulfides (TMS) are an important class of inorganic materials and find applications in diverse fields including electrochemical energy storage devices such as batteries and supercapacitors (SCs). Solid-state synthetic methods are used to generate metal sulfides from the corresponding metal salts or their equivalent oxides usually by by annealing at high temperatures.
-By Usha Rawat
शोधकर्ताओं ने कम तापमान पर अत्यधिक क्रिस्टलीय पाइराइट (फेरस डाई सल्फाइड-एफईएस2) को संश्लेषित किया है और उनका उपयोग बैटरी एवं उच्च ऊर्जा घनत्व सुपरकैपेसिटर (एससी) जैसे विद्युत् रासायनिक (इलेक्ट्रोकेमिकल) ऊर्जा भंडारण उपकरणों के निर्माण के लिए किया हैI
ट्रांजिशन धातु सल्फाइड (टीएमएस) अकार्बनिक सामग्रियों का एक महत्वपूर्ण वर्ग है और बैटरी एवं सुपरकैपेसिटर (एससी) जैसे इलेक्ट्रोकेमिकल ऊर्जा भंडारण उपकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसका उपयोग होता है। ठोस-अवस्था संश्लेषण (सॉलिड-स्टेट सिंथेटिक) विधियों का उपयोग सामान्यतः उच्च तापमान पर तापानुशीलन (एनीलिंग) करके संबंधित धातु लवण या उनके समकक्ष ऑक्साइड से धातु सल्फाइड उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।
हालांकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान, नैनो और मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र (सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज), बेंगलुरु में डॉ. एच.एस.एस. रामकृष्ण मैटे की देखरेख में सुश्री सावित्री विश्वनाथन द्वारा किए गए प्रयोगों ने कम तापमान वाले ठोस-अवस्था संश्लेषण मार्ग के माध्यम से क्रिस्टलीय पाइराइट (एफईएस2) के संश्लेषण का प्रदर्शन भी किया है। उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए एक मेटास्टेबल ऑक्सीहाइड्रॉक्साइड (एफईओओएच) प्रीकर्सर का उपयोग कियाI
इस टीम ने केमिकल कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित अपने लेख में पहली बार इस मध्यवर्ती ऑक्सीहाइड्रॉक्साइड को स्थिर करने और हाइड्रोजन सल्फाइड (एच2एस) गैस की उपस्थिति में इसे सल्फाइडेशन के लिए प्रीकर्सर के रूप में उपयोग करने की सूचना दी।
मेटास्टेबल प्रीकर्सर का उपयोग करने से तापानुशीलन (एनीलिंग) के तापमान को कम करने में सहायता मिली, क्योंकि फेरस ऑक्सीहाइड्रॉक्साइड (एफईओओएच) कम तापमान पर बहुत अच्छी क्रिस्टलीयता के साथ पाइराइट (फेरस डाईसल्फाइड-एफईएस2) में परिवर्तित हो गया। उनके संबंधित मेटास्टेबल ऑक्सीहाइड्रॉक्साइड से सल्फाइड प्राप्त करने का यह संश्लेषण (सिंथेटिक) मार्ग ऊर्जा गहन तरीके से क्रिस्टलीय सामग्री प्राप्त करने के लिए अन्य ट्रांजिशन मेटल्स तक बढ़ाया जा सकता है।
उच्च-ऊर्जा घनत्व वाले सुपरकैपेसिटर (एससी) के लिए इलेक्ट्रोड को संश्लेषित फेरस डाईसल्फाइड -एफईएस2 से निर्मित किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप कार्बनिक और आयनिक-तरल (आईएल)-आधारित इलेक्ट्रोलाइट्स की उपस्थिति में बेहतर प्रदर्शन हुआ। इसका श्रेय सामग्री की अच्छी क्रिस्टलीयता के परिणामस्वरूप बेहतर चालकता के साथ-साथ कार्बनिक और आईएल-आधारित इलेक्ट्रोलाइट्स की उपस्थिति में एफईएस2 इलेक्ट्रोड की उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हुई अस्थिरता को दिया जा सकता है। एफईएस2 इलेक्ट्रोड ने उच्च ऊर्जा और शक्ति घनत्व प्रदर्शित किया, जो विद्युत रासायनिक गुणों को बढ़ाने के लिए प्रयुक्त किए गए सिंथेटिक प्रक्रिया की भूमिका को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।

प्रकाशित लेख (पेपर )का लिंक : DOI: 10.1039/D3CC02153J
