रुद्रप्रयाग: गौरीकुंड हाईवे पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से कार नदी किनारे गिरी, एक की मौत, 5 घायल
रुद्रप्रयाग 6 अक्टूबर। जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में रविवार (5 अक्टूबर 2025) शाम करीब सवा 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। केदारनाथ हाईवे पर काकड़ा गाड़ के समीप पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर (बोल्डर) गिरने के कारण एक कार अनियंत्रित हो गई और मंदाकिनी नदी के किनारे जा गिरी। कार में सवार छह यात्रियों में से चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी यात्री उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और लखनऊ के निवासी थे, जो केदारनाथ यात्रा या चोपता घूमने के बाद लौट रहे थे।
हादसे का पूरा विवरण
कार गौरीकुंड से रुद्रप्रयाग की ओर जा रही थी। अचानक पहाड़ी से भूस्खलन की तरह पत्थर गिरे, जो सीधे कार पर आ गिरे। इससे चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क से नीचे खिसक गया। कार नदी में पूरी तरह नहीं गिरी, लेकिन उसके किनारे पहुंच गई, जिससे यात्रियों को चोटें आईं। यह घटना केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुई, जहां मानसून के बाद भी भूस्खलन का खतरा बना रहता है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया कि हादसा प्राकृतिक कारणों से हुआ, और सड़क पर यातायात सामान्य है लेकिन सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पीड़ितों की जानकारी
- मृतक: मुकेश कुमार मौर्य (उम्र 40 वर्ष), पुत्र विजय बहादुर मौर्य, निवासी जैयदपुर शांतिनगर, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। वे कार चला रहे थे और पत्थर गिरने से गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया।
- घायल (कुल 5):
- अंजलि मौर्य (उम्र 32 वर्ष), पत्नी मुकेश कुमार, निवासी जैयदपुर शांतिनगर, बाराबंकी।
- रचना मौर्य (उम्र 34 वर्ष), पत्नी अरुण मौर्य, निवासी केसरबाग लाटूस रोड, लखनऊ।
- अरुण मौर्य (उम्र 40 वर्ष), पुत्र कुंज बिहारी मौर्य, निवासी केसरबाग, लखनऊ।
- पिहू मौर्य (उम्र ढाई वर्ष), पुत्री अरुण मौर्य, निवासी केसरबाग, लखनऊ।
- अमोली मौर्य (उम्र 5 वर्ष), पुत्री मुकेश कुमार, निवासी बाराबंकी।
सभी घायल एक ही परिवार के सदस्य हैं। दोनो बच्चियां (पिहू और अमोली) की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सकों ने कहा कि वे अब स्थिर हैं।
बचाव और राहत कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और हाईवे पर मौजूद यात्री घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (डीडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमें तुरंत रवाना हुईं। टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। 108 एम्बुलेंस सेवा से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अगस्त्यमुनि ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) रुद्रप्रयाग को फोन कर घायलों को बेहतर उपचार और हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। प्रभारी थानाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने मृतक के परिवार को सहायता राशि देने की प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा केदारनाथ यात्रा सीजन के दौरान हुआ, जब हजारों यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति पर नजर रखें। पुलिस ने हाईवे पर पत्थर गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
