चमोली जिले में अधिकारियों की कमी से वेतन भुगतान प्रभावित, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन ने त्वरित नियुक्ति की मांग की
पोखरी, 17 नवंबर (राणा)। शिक्षा विभाग में जिला स्तरीय और खंड स्तरीय अधिकारियों के अभाव के कारण अध्यापकों के वेतन और अन्य देयों के आहरण में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है। 31 अक्टूबर से जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) का पद रिक्त होने के चलते अनेक शिक्षक-शिक्षिकाओं के देयक लंबित पड़े हैं। वर्तमान में 11 से अधिक जीपीएफ आहरण के प्रकरण अटके हुए हैं, जिसके कारण कई शिक्षक—जिनके परिवारों में विवाह आदि के कार्यक्रम हैं—गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष उपेंद्र सती और मंत्री विक्रम सिंह गुसाईं ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अधिकारियों की कमी के कारण देयकों का भुगतान प्रभावित होना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) की नियुक्ति नहीं की गई और शिक्षकों के लंबित भुगतान निपटाए नहीं गए, तो जिला कार्यकारिणी और सभी ब्लॉक स्तरीय कार्यकारिणियाँ जिला मुख्यालय पर धरना–प्रदर्शन करने को बाध्य होंगी।
संगठन ने यह भी बताया कि समग्र शिक्षा मद से वेतन भुगतान में भी हर माह विलंब की स्थिति बनी रहती है। नंदानगर विकास खंड में दीपावली बोनस तक का भुगतान नहीं हो पाया है। जनपद में जहां तीन जिला स्तरीय अधिकारियों की आवश्यकता है, वहां मात्र एक अधिकारी ही तैनात है। इसी प्रकार, 9 विकास खंडों में 9 खंड शिक्षा अधिकारियों के सापेक्ष केवल 3 तथा 9 उप–शिक्षा अधिकारियों में से मात्र 3 उप–अधिकारी कार्यरत हैं।
संगठन के अनुसार, अधिकारियों के अभाव में शिक्षक हर माह वेतन के लिए याचक की भूमिका में रहने को विवश हैं। इस मुद्दे पर बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला तथा कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल से भी वार्ता की गई है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द नियुक्तियाँ नहीं की गईं और वेतन व देयों के समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हुई, तो संगठन आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होगा।
