दिल्ली के आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट आज दे सकता है फैसला
नई दिल्ली, 22 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को यह तय कर सकता है कि सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने के उसके पहले के आदेश पर रोक लगाई जाए या नहीं।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन वी अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ सुबह 10:30 बजे आदेश सुनाएगी। इस पीठ ने 14 अगस्त को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था और इस दौरान स्थानीय अधिकारियों की निष्क्रियता और अक्षम्यताओं को दोषी ठहराया था, जिनकी वजह से एनसीआर की सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ी है।
यह तीन सदस्यीय पीठ भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर गठित की गई थी, क्योंकि पहले के आदेश के खिलाफ जबरदस्त विरोध हुआ था। उस आदेश में अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजें।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने तर्क दिया कि यह आदेश कठोर है और पहले के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत है। पहले के आदेश में कहा गया था कि एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) नियमों के अनुसार जिन कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के लिए हटाया जाता है, उन्हें बाद में उनकी पुरानी जगह पर ही छोड़ा जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान दो पक्ष सामने आए, सरकार और पशु अधिकार कार्यकर्ता। इसमें “नि:शब्दों पर क्रूरता” और “स्वरविहीन अल्पसंख्यक बनाम मौन पीड़ित बहुसंख्यक” जैसे भावनात्मक मुद्दों को उठाया गया। दिल्ली सरकार ने आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया।
