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उत्तराखण्ड स्टेट प्रगति पोर्टल से होगी योजनाओं की सख्त निगरानी

 

  • मुख्य सचिव ने विभागों को दिए निर्देश, सभी प्रमुख योजनाएं जल्द हों अपलोड
  • स्वरोजगार योजनाओं के 3 से 5 साल के रोजगार प्रभाव का भी होगा विश्लेषण

देहरादून,1 अप्रैल उत्तराखंड में अब राज्य एवं केंद्रपोषित महत्वपूर्ण योजनाओं की निगरानी और समीक्षा को और अधिक व्यवस्थित व जवाबदेह बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में स्टेट प्रगति पोर्टल की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागों द्वारा संचालित सभी महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा अब इसी पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने विभागों से कहा कि वे अपनी प्रमुख योजनाओं को बिना विलंब पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि प्रगति की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

धीमी परियोजनाओं पर रहेगी खास नजर

मुख्य सचिव ने नियोजन विभाग द्वारा विकसित पोर्टल को और अधिक उपयोगी तथा परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल को इस तरह तैयार किया जाए कि योजनाओं की विभागवार और योजनावार समीक्षा सहजता से की जा सके। साथ ही, सभी विभागों को अपनी परियोजनाओं के विभिन्न चरणों के लिए स्पष्ट माइलस्टोन तय करने होंगे। इससे उन परियोजनाओं की पहचान आसान होगी, जिनकी प्रगति अपेक्षा से धीमी है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध निगरानी से योजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करने में मदद मिलेगी और प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ेगी।

स्वरोजगार योजनाओं के असर का होगा हिसाब

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं को भी स्टेट प्रगति पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि इन योजनाओं के माध्यम से अब तक वास्तव में कितना रोजगार सृजित हुआ है। इसके लिए उन्होंने नियोजन विभाग को निर्देशित किया कि वह सभी विभागों की स्वरोजगार संबंधी योजनाओं का पिछले 3 से 5 वर्षों का विस्तृत विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करे। उनका कहना था कि इस समीक्षा से योजनाओं की कमियों की पहचान होगी और भविष्य में उन्हें अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

स्वास्थ्य ढांचे की समीक्षा, समग्र योजना पर जोर

मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान स्टेट प्रगति पोर्टल का ट्रायल लेते हुए विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति भी जानी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अस्पतालों, उपजिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि मैनपावर की उपलब्धता और मशीनों के उन्नयन को भी योजनाओं का हिस्सा बनाए। इसके लिए उन्होंने समग्र (होलिस्टिक) योजना तैयार करने पर बल दिया। साथ ही, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भवन निर्माण में बेसमेंट पार्किंग को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव सुश्री झरना कमठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

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