रविग्राम में रामलीला के तीसरे दिन आज होगा सीता स्वयंवर का भव्य मंचन
ज्योतिर्मठ, 27 अक्टूबर (कपरूवाण)। सांस्कृतिक परिषद् रविग्राम द्वारा पिछले 56 वर्षों से निरंतर आयोजित वार्षिक रामलीला महोत्सव के तीसरे दिवस सोमवार को सीता स्वयंवर एवं परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला का भव्य मंचन किया जाएगा।
रविवार को महोत्सव के दूसरे दिवस की शुरुआत राजा दशरथ के महल में भगवान राम के अवतरण दृश्य से हुई। इस अवसर पर महर्षि नारद ने आकाशवाणी के माध्यम से विष्णु अवतार की महिमा का वर्णन किया, जिसके बाद दर्शकों ने नवजात श्रीराम के दर्शन कर पुष्पवर्षा की। इसके पश्चात् गुरु विश्वामित्र के आगमन और यज्ञ रक्षा हेतु श्रीराम एवं लक्ष्मण को साथ ले जाने की लीलाओं का भावपूर्ण व मार्मिक मंचन हुआ।
बाल रूप में राम-लक्ष्मण द्वारा विश्वामित्र के साथ वन यात्रा तथा यज्ञ विध्वंस करने वाली राक्षसी ताड़का और सुभाऊ के वध का सजीव अभिनय दर्शकों को भाव-विभोर कर गया। दूसरे दिवस का मंचन रामायण के बालकांड पर आधारित रहा, जिसमें ताड़का-वध के माध्यम से ‘अधर्म पर धर्म की विजय’ का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
सांस्कृतिक परिषद् रविग्राम के मुख्य संरक्षक हर्षवर्धन भट्ट ने बताया कि रामलीला उत्तराखंड की लोक-सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और रविग्राम में यह आयोजन पिछले 56 वर्षों से लगातार हो रहा है। परिषद द्वारा आयोजित 11 दिवसीय रामलीला में प्रतिदिन अलग-अलग प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है, जिसमें रविग्राम वार्ड के बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ कलाकारों द्वारा अभिनय किया जा रहा है।
परिषद के अध्यक्ष महेंद्र नंबूरी ने बताया कि इस वर्ष की रामलीला का विशेष आकर्षण पहली बार विभिन्न प्रमुख पात्रों में बालिकाओं की भागीदारी है, जिसने मंचन को और अधिक आकर्षक एवं सशक्त बनाया है।
