यूजेवीएन लिमिटेड की 132वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी

देहरादून, 12 जनवरी। यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 132वीं बोर्ड बैठक आज उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव एवं यूजेवीएन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में निगम से जुड़े मानव संसाधन, परिचालन, विभिन्न परियोजनाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
निदेशक मंडल द्वारा निगम के स्थायी एवं अस्थायी पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही नई परियोजनाओं के तकनीकी आकलन एवं मार्गदर्शन के लिए एक विशेषज्ञ तकनीकी समूह के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह समूह परियोजनाओं की तकनीकी व्यवहार्यता, डिजाइन तथा क्रियान्वयन से संबंधित सुझाव देगा। विशेषज्ञ समूह पिथौरागढ़ जनपद में प्रस्तावित 114 मेगावॉट की सेला–उर्थिंग जलविद्युत परियोजना, 102 मेगावॉट की मोरी–त्यूनी जलविद्युत परियोजना सहित अन्य परियोजनाओं पर आवश्यकतानुसार कार्य करेगा।
बैठक में मनेरी भाली द्वितीय चरण के जोशियाड़ा बैराज के डाउनस्ट्रीम में जल प्रवाह को न्यूनतम करने से संबंधित कार्यों की संशोधित लागत एवं प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को पारित किया गया। इसके अतिरिक्त मोरी–त्यूनी परियोजना हेतु परामर्शदात्री सेवाएं प्राप्त करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
निदेशक मंडल ने 300 मेगावॉट क्षमता वाली लखवाड़ जलविद्युत परियोजना के विद्युत-यांत्रिक कार्यों के लिए अद्यतन लागत एवं संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। चमोली जनपद में स्थित 3 मेगावॉट क्षमता की उर्गम लघु जलविद्युत परियोजना के पुनरोद्धार हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एवं निवेश योजना के प्रस्ताव को भी अनुमोदन मिला।
इसी क्रम में 72 मेगावॉट की त्यूनी–प्लासु परियोजना में विद्युत-यांत्रिक उपकरणों की स्थापना हेतु निविदा आमंत्रित करने तथा पिथौरागढ़ जनपद में श्यामखोलागाड़ नदी पर प्रस्तावित 12 मेगावॉट की तांकुल परियोजना के सिविल डिजाइन एवं इंजीनियरिंग कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
निदेशक मंडल ने उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के वर्ष 2025 के विनियमों में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण टैरिफ एवं ट्रेडिंग मार्जिन से संबंधित प्रावधानों पर समीक्षा याचिका दायर करने की अनुमति भी प्रदान की। इसके साथ ही सौर परियोजनाओं की वाणिज्यिक संचालन तिथि (सीओडी) के विस्तार से संबंधित विषय पर भी आयोग में समीक्षा याचिका दायर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 के विद्युत उत्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि वर्तमान तक निगम के विद्युत गृह निर्धारित लक्ष्य से 84 मिलियन यूनिट अधिक उत्पादन कर चुके हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त श्री दिलीप जावलकर, श्री इंदु कुमार पांडेय, श्री बी.पी. पांडेय, श्री पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप सिंघल, निदेशक परियोजनाएं श्री सुरेश चन्द्र बलूनी, निदेशक परिचालन श्री ए.के. सिंह, अधिशासी निदेशक श्री सुधाकर बडोनी, श्री आशीष जैन, श्री विवेक आत्रेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
