लगातार बारिश से गौचर क्षेत्र में भूस्खलन, कई मकान खतरे की जद में

–गौचर से दिग्पाल गुसाईं–
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से क्षेत्र में मोटर मार्ग बंद होने के साथ-साथ कई भवन भी भूस्खलन की चपेट में आकर खतरे की जद में आ गए हैं।
पिछली रात पालिका क्षेत्र के बसंतपुर में मनीष कुमार, राकेश कुमार, पंकज कुमार, राजेंद्र लाल, मुकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, श्याम लाल और प्रदीप कुमार के मकानों के आगे की जमीन धंसने से उनके घरों पर संकट खड़ा हो गया। वहीं बंदरखंड गांव में उम्मेद सिंह गुसाईं का पैतृक मकान भूस्खलन से जमींदोज हो गया।

बसंतपुर निवासी राजेंद्र लाल ने बताया कि जिन मकानों को खतरा हो गया है, उनके परिवारों के सामने सिर छुपाने तक का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई मदद नहीं मिली है।
जानकारी मिली है कि बंदरखंड-पनाई मोटर मार्ग पर भी भूस्खलन से उम्मेद सिंह गुसाईं का मकान खतरे में है। इस क्षेत्र के ऊपर से सिंचाई नहर बनी हुई है, जिस पर भी संकट मंडरा रहा है। यदि समय रहते ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो नहर को भारी नुकसान हो सकता है।
गधेरा पार में दौलत सिंह के मकान के पीछे भी भूस्खलन होने से उनका घर खतरे में आ गया है। पालिकाध्यक्ष संदीप नेगी और गौ सेवा समिति के सदस्य अनिल नेगी ने क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।
बौंला-सिंदरवाणी मोटर मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन से आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीण बीरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि मार्ग पर पैदल चलना भी कठिन हो गया है।
इसी तरह विकास खंड पोखरी के करछुना गांव में पूर्व सैनिक खुशाल सिंह नेगी के मकान के आगे की दीवार टूटने से उनका घर और शौचालय खतरे में हैं। आंगन में दरारें पड़ गई हैं। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से शीघ्र राहत और उचित मुआवजे की मांग की है।
