ज्योतिर्मठ में सरस्वती शिशु मंदिर की ‘शिशु नगरी’ प्रदर्शनी में नन्हे बच्चों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग

ज्योतिर्मठ, 26 फरवरी (कपरूवाण)। विद्या भारती से संबद्ध सरस्वती शिशु मंदिर, ज्योतिर्मठ में ‘शिशु नगरी’ प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक मॉडलों और प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा प्रदर्शित विषयों की स्पष्ट और आत्मविश्वासपूर्ण जानकारी ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में पालिका सभासद जयदीप मंन्द्रवाल, ग्राम पंचायत डुंग्रा की प्रधान रीना देवी, संभाग निरीक्षक मुरलीधर चंदोला, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शम्भू प्रसाद चमोला, सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य बद्री सिंह नेगी, प्रबंध समिति अध्यक्ष प्रदीप फर्शवान, कोषाध्यक्ष विवेक बिष्ट एवं मातृ भारती की संयोजिका सुष्मिता पंत शामिल रहे।
दीप प्रज्ज्वलन और बैज अलंकरण के उपरांत अतिथियों ने शिशु नगरी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। शिशु वाटिका संयोजिका दीपा पंवार और सह-संयोजिका वर्षा राणा के निर्देशन में तैयार प्रदर्शनी की सभी ने सराहना की।
प्रदर्शनी के बाद आयोजित सांस्कृतिक समारोह में शिशु कक्षा से पंचम कक्षा तक के विद्यार्थियों एवं मातृ भारती की सदस्याओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि ऋषि प्रसाद सती ने अपने संबोधन में कहा कि शिशु नगरी में बच्चों द्वारा प्रस्तुत विषयों की गहन समझ प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती से जुड़े विद्यालय संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए जाने जाते हैं और यहां के विद्यार्थी भविष्य में प्रदेश व देश का नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय की आवश्यकता को देखते हुए जनरेटर उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
मुख्य वक्ता संभाग निरीक्षक मुरलीधर चंदोला ने शिशु वाटिका और शिशु नगरी की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा पद्धति का मूल उद्देश्य ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण है, जिस दिशा में विद्या भारती के विद्यालय निरंतर कार्यरत हैं।
कार्यक्रम अध्यक्ष शम्भू प्रसाद चमोला ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय की पूर्व छात्राएं आज मातृ भारती की सदस्य के रूप में जुड़कर नई पीढ़ी को संस्कारित शिक्षा दे रही हैं, यह गर्व का विषय है। उन्होंने जनरेटर उपलब्ध कराने की घोषणा पर मुख्य अतिथि का आभार भी व्यक्त किया।
प्रधानाचार्य बद्री सिंह नेगी ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत किया। अंत में मुख्य अतिथि को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संकुल जोशीमठ के प्रधानाचार्य संतोष भंडारी सहित कई गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहे।
