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नदियों को जोड़ने की परियोजनाएं ; 30 लिंक परियोजनाओं में से सभी 30 के लिए पीएफआर पूरी

Out of the 30 identified link projects under the National Perspective Plan (NPP), the National Water Development Agency (NWDA) has completed Pre-Feasibility Reports (PFRs) for all 30 links, Feasibility Reports (FRs) for 26 links, and Detailed Project Reports (DPRs) for 13 links.

नई दिल्ली: भारत की महत्वाकांक्षी नदियों को जोड़ने (इंटर लिंकिंग ऑफ रिवर्स – ILR) की योजना राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) के तहत तेजी से आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) ने एनपीपी के प्रायद्वीपीय घटक के अंतर्गत चिन्हित 30 लिंक परियोजनाओं में से सभी 30 के लिए पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर), 26 के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट (एफआर) और 13 के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी कर ली है। ये परियोजनाएं जल अधिशेष क्षेत्रों से जल की कमी वाले क्षेत्रों में पानी स्थानांतरित करके सिंचाई, पेयजल और बाढ़ नियंत्रण में मदद करेंगी।

प्रमुख प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की स्थिति

एनपीपी के तहत पांच परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है:

  1. केन-बेतवा लिंक परियोजना (KBLP): यह एनपीपी की एकमात्र ऐसी परियोजना है जो कार्यान्वयन चरण में पहुंच चुकी है। अनुमानित लागत 44,605 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र से 39,317 करोड़ की सहायता मिल रही है। दौधन बांध का ठेका दिया जा चुका है और परियोजना 2030 तक पूरी होने का लक्ष्य है। पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है तथा पन्ना टाइगर रिजर्व में जैव विविधता संरक्षण के लिए एकीकृत भूदृश्य प्रबंधन योजना (ILMP) लागू की जा रही है। ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप काउंसिल (GPLC) का गठन किया गया है। पिछले तीन वर्षों में 3,969 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
  2. संशोधित पारबती-कालीसिंध-चंबल (PKC) लिंक परियोजना: चंबल नदी प्रणाली के बेहतर उपयोग के लिए इसे ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) के साथ एकीकृत किया गया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के साथ डीपीआर तैयारी और कार्यान्वयन के लिए MoU पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। राजस्थान भाग की डीपीआर केंद्रीय जल आयोग (CWC) को मूल्यांकन के लिए भेजी गई है।
  3. गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना (तीन उप-लिंक सहित: इंचमपल्ली-नागार्जुनसागर, नागार्जुनसागर-सोमासिला, सोमासिला-ग्रैंड एनीकट): गोदावरी से 4,189 एमसीएम पानी स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। NWDA ने तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट, मसौदा डीपीआर और MoU का ड्राफ्ट तैयार कर राज्यों को भेजा है। सहमति बनाने के लिए विचार-विमर्श जारी है।

अन्य महत्वपूर्ण विकास

  • गोदावरी (पोलावरम)-कृष्णा (विजयवाड़ा) लिंक: यह पोलावरम राष्ट्रीय परियोजना का हिस्सा है। लिंक नहर में जल संपर्क स्थापित हो चुका है। केंद्र ने अब तक 20,658 करोड़ रुपये की सहायता दी है।
  • सभी परियोजनाओं में पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अनिवार्य है। केन-बेतवा के लिए EIA पूरा हो चुका है और वन्यजीव संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

चुनौतियां और सहयोग

नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं में राज्यों का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। अंतर-राज्यीय सहमति, भूमि अधिग्रहण और वैधानिक मंजूरियां देरी का मुख्य कारण हैं। भारत सरकार परामर्शी दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्यों की चिंताओं को दूर करने में लगी है। NWDA की रिपोर्टें राज्यों के साथ साझा की जाती हैं और विशेष समिति (SCIILR) जैसे मंचों पर चर्चा होती है।

यह योजना जल सुरक्षा, सिंचाई विस्तार और बाढ़- सूखे की समस्या 해결 में मील का पत्थर साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सहमति और पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाना आवश्यक है।

अनुलग्नक

एनपीपी के अंतर्गत नदियों को आपस में जोड़ने वाली परियोजनाओं का ब्यौरा और मौजूदा स्थिति

प्रायद्वीपीय घटक

क्र.सं. नाम लाभान्वित राज्‍य स्थिति
1 महानदी (मणिभद्रा) – गोदावरी (दौलैस्वरम) लिंक आंध्र प्रदेश (एपी) और ओडिशा व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
वैकल्पिक महानदी (बरमूल) – ऋषिकुल्या – गोदावरी (दौलैस्वरम) लिंक आंध्र प्रदेश और ओडिशा व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
2 गोदावरी (पोलावरम)-कृष्णा (विजयवाड़ा) लिंक@ आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
3 क.) गोदावरी (इंचमपल्ली) – कृष्णा (नागार्जुनसागर) लिंक तेलंगाना व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख. वैकल्पिक गोदावरी (इंचमपल्ली)-कृष्णा (नागार्जुनसागर) लिंक * तेलंगाना डीपीआर पूर्ण
4 गोदावरी (इंचमपल्ली/एसएसएमपीपी) – कृष्णा (पुलिचिंताला) लिंक तेलंगाना और आंध्र प्रदेश डीपीआर पूर्ण
5 क.) कृष्णा (नागार्जुनसागर) – पेन्नार (सोमासिला) लिंक आंध्र प्रदेश व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख.) वैकल्पिक कृष्णा (नागार्जुनसागर) – पेन्नार (सोमसिला) लिंक * आंध्र प्रदेश  

डीपीआर पूर्ण

6 कृष्णा (श्रीशैलम) – पेन्नार लिंक आंध्र प्रदेश डीपीआर पूर्ण
7 कृष्णा (अलमट्टी) – पेन्नार लिंक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश डीपीआर पूर्ण
8 क.) पेन्नार (सोमसिला) – कावेरी (ग्रैंड एनीकट) लिंक आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख.) वैकल्पिक पेन्नार (सोमसिला) – कावेरी (ग्रैंड एनीकट) लिंक * आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी डीपीआर  पूर्ण
9 कावेरी (कट्टलाई) – वैगई – गुंडर लिंक तमिलनाडु डीपीआर पूर्ण
10 पार्बती-कालीसिंध – चंबल लिंक

 

मध्‍य प्रदेश (एमपी) और राजस्‍थान व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
ख.) संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चंबल लिंक मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन

पर दोनों राज्यों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं

11 दमनगंगा – पिंजल लिंक महाराष्‍ट्र (केवल मुंबई को जल  की आपूर्ति) डीपीआर  पूर्ण और प्राथ‍िमिकता प्राप्‍त लिंक की स्थिति से हटा दिया गया
12 पार-तापी-नर्मदा लिंक गुजरात और महाराष्‍ट्र डीपीआर  पूर्ण और प्राथ‍िमिकता प्राप्‍त लिंक की स्थिति से हटा दिया गया
13 केन-बेतवा लिंक उत्तर प्रदेश (यूपी) और मध्य प्रदेश डीपीआर  पूर्ण और परियोजना कार्यान्वयन के अधीन है
14 पंबा – अचनकोविल – वैप्पर लिंक तमिलनाडु और केरल व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
15 बेदती – वरदा लिंक@@ कर्नाटक डीपीआर  पूर्ण
16 नेत्रवती – हेमवती लिंक** कर्नाटक पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण

 

मणिभद्र और इंचमपल्ली बांधों पर लंबित सहमति के कारण गोदावरी नदी के अप्रयुक्त जल को डायवर्ट करने के लिए परियोजना के चरण-I, एक वैकल्पिक अध्ययन किया गया था और गोदावरी (इंचमपल्ली)-कृष्णा (नागार्जुन सागर)-पेन्नार (सोमसिला)-कावेरी (ग्रैंड एनीकटलिंक परियोजनाओं (संयुक्‍त) जिसे गोदावरी-कावेरी लिंक के रूप में जाना जाता है, की डीपीआर पूरी कर ली गई थी। रिपोर्ट को आगे अपडेट करते हुए लिंक नहर को वेल्‍लर नदी की सहायक नदी मणिमुक्‍ता नदी पर समाप्‍त किया गया है जो कावेरी बेसिन के निकट स्थित है।

@@ बेदतीवरदा लिंक  पीएफआर तैयार होने के बाद सीधे डीपीआर तैयार की गई, कोई एफआर तैयार नहीं की गई थी।

@ गोदावरी (पोलावरम) – कृष्णा (विजयवाड़ा) लिंक – यह परियोजना आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई है और पोलावरम परियोजना प्रधिकरण के अंतर्गत इसका क्रियान्‍वयन किया जा रहा है।

*** नेत्रावती – हेमावती लिंक: पीएफआर तैयार होने के बाद आगे के अध्ययन नहीं किए गए हैं क्योंकि कर्नाटक सरकार द्वारा येत्तिनाहोल परियोजना के कार्यान्वयन के बाद, नेत्रावती बेसिन में इस लिंक के माध्यम से मोड़ने के लिए कोई अतिरिक्त जल उपलब्ध नहीं है।

 

 

हिमालयी घटक

क्र.सं. नाम लाभान्वित राज्‍य/देश स्थिति
1. कोसीमेची लिंक** बिहार और नेपाल पीएफआर पूर्ण
2. कोसीघाघरा लिंक बिहार, यूपी और नेपाल व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
3. गंडक – गंगा लिंक यूपी और नेपाल व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
4. घाघरायमुना लिंक यूपी और नेपाल व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
5. सारदायमुना लिंक यूपी और उत्तराखंड व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
6. यमुनाराजस्थान लिंक हरियाणा और राजस्थान व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
7. राजस्थानसाबरमती लिंक राजस्थान और गुजरात व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
8. चुनारसोन बैराज लिंक बिहार और उत्तर प्रदेश व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
9. सोन बांध – गंगा लिंक की दक्षिणी सहायक नदियाँ बिहार और झारखंड मसौदा एफआर पूर्ण
10. मानससंकोशतीस्तागंगा (एमएसटीजीलिंक असम, पश्चिम बंगाल और बिहार व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
11. जोगीघोपातीस्ताफरक्का लिंक (एमएसटीजी का विकल्प) असम, पश्चिम बंगाल और बिहार पीएफआर पूर्ण

(प्रस्‍ताव छोड़ दिया गया।)

12. फरक्कासुंदरबन लिंक पश्चिम बंगाल व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
13. गंगा (फरक्का) – दामोदरसुवर्णरेखा लिंक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण
14. सुवर्णरेखामहानदी लिंक पश्चिम बंगाल और ओडिशा व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण

 

 

30 लिंक परियोजनाओं में से 4 परियोजनाओं के लिए एफआर तैयार करना आवश्यक नहीं है:

 

** कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक – पीएफआर तैयार किया गया था और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के कारण प्रस्ताव को छोड दिया गया था, बाद में, बिहार सरकार के अनुरोध पर, एनडब्ल्यूडीए ने कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना का कार्य आरंभ कर दिया है।

जोगीघोपा-तिस्ता-फरक्का लिंक – पीएफआर तैयार किया गया और प्रस्ताव छेाड़ दिया गया

बेदती-वर्दा लिंक – डीपीआर को इसके पीएफआर की तैयारी के तुरंत बाद तैयार किया गया था, कोई एफआर तैयार नहीं किया गया था।

नेत्रावती-हेमावती लिंक – पीएफआर तैयार होने के बाद आगे के अध्ययन नहीं किए गए हैं क्योंकि कर्नाटक सरकार द्वारा येत्तिनाहोल परियोजना के कार्यान्वयन के बाद से नेत्रावती बेसिन में इस लिंक के माध्यम से पानी मोड़ने के लिए कोई अतिरिक्त पानी उपलब्ध नहीं है।

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