सकंड गांव में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी
गौचर, 7 जनवरी (गुसाईं)। विकास खंड कर्णप्रयाग के दूरस्थ सकंड गांव के लिए मोटर मार्ग की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
जनपद चमोली के कर्णप्रयाग विकास खंड का यह सकंड गांव ऐसी दुर्गम जगह पर बसा है, जहाँ से अन्य गांवों की दूरी आठ से दस किलोमीटर तक है। जिस खरसांई ग्राम पंचायत के अंतर्गत यह गांव आता है, उसकी दूरी भी करीब आठ किलोमीटर है। गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को गौचर–सिदोली मोटर मार्ग से बौंला बैंड या खरसांई उतरकर खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
गांव में आलू, राजमा, चौलाई तथा पहाड़ी ककड़ी का अच्छा उत्पादन होता है, लेकिन यातायात सुविधा न होने के कारण अधिकांश उपज खेतों में ही बर्बाद हो जाती है। छात्र संख्या कम होने के कारण प्राथमिक विद्यालय भी बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य सुविधा के लिए ग्रामीणों को आज भी डंडी-कांडी के सहारे गौचर या अन्य स्थानों तक मरीजों को ले जाना पड़ता है। यातायात सुविधा के अभाव में कई परिवार गांव छोड़कर पलायन भी कर चुके हैं।
ग्रामीण कई चुनावों का बहिष्कार कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। अबकी बार गांव वालों ने मोटर मार्ग की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। सोमवार से चल रहे धरने पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने एक सप्ताह के भीतर पुनः सर्वेक्षण कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सड़क स्वीकृत नहीं हो जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
धरने पर बैठे लोगों में बीरेंद्र बिष्ट, महेंद्र बिष्ट, अंकित बिष्ट, गजेंद्र चौधरी, मनवर चौधरी, देवराज सिंह और महेंद्र चौधरी सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
