हाईकोर्ट के आदेश पर पोखरी में व्यापारियों ने स्वतः अतिक्रमण हटाए, मगर बड़े अतिक्रमणकारियों को परवाह नहीं किसी की
-पोखरी से राजेश्वरी राणा —
नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए पोखरी के 15 छोटे व्यापारियों ने बिना प्रशासनिक तामझाम के स्वतः ही अपने द्वारा सड़क किनारे किये गए अतिक्रमण हटा दिए हैं ।
वन भूमि सहित अन्य सरकारी भूमियो पर अतिक्रमणकारियों ने अतिक्रमण कर मकान और बड़े-बड़े व्यावसायिक भवन बना लिए थे जिस पर नैनीताल हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को सरकारी भूमि और वन भूमि पर हुए इन अबैध अतिक्रमणों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए थे । इसी कड़ी में आज पोखरी में 15 छोटे ब्यापारियो ने नैनिताल हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए बिना प्रशासनिक ताम झाम के स्वत ही विनायक धार से लेकर गोल मार्केट सहित अन्य जगहों पर सड़क किनारे लोक निर्माण विभाग की भूमि पर अतिक्रमण हटा दिए हैं ।
अतिक्रमण हटाने के साथ ही छोटे व्यापारियों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। वे सड़क पर आ गये है । इन छोटे ब्यापारियो का कहना है कि छोटे व्यापारियों ने तो स्वतः ही लोक निर्माण विभाग की भूमि सड़क किनारे लगी अपनी ठेलियों को हटा दिया है । लेकिन बड़े अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन कब कार्यवाही करेगा यह एक यक्ष प्रश्न है ।
वहीं ब्यापार मंडल के ब्लॉक अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह राणा का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने उन्हें 245 चिन्हित अतिक्रमणकारियों की लिस्ट सौंपी है । आज नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए हमारे 15 छोटे ब्यापारियो ने सड़क किनारे से अपनी ठेलियों को स्वतः ही हटा दिया है । वाकी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन और लोक निर्माण विभाग क्या कार्यवाही करता है । यह देखने वाली बात है ।
वही कांग्रेस के ब्लांक अध्यक्ष सन्तोष चौधरी का कहना है कि सरकार व्यापारियों के पक्ष को न्यायालय के सम्मुख सही तरीके से प्रस्तुत नहीं कर पाई जिस कारण आज ब्यापारी सड़क पर आ गये है ।नगर पंचायत को भी पहले इन व्यापारियों के लिए दुकानों की ब्यवस्था करनी चाहिए थी फिर इनका अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए था । वैसे भी इन व्यापारियों ने नैनिताल हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान कर सराहनीय कार्य किया है ।वही लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता के के सिंह से सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि पूरे पोखरी में सरकारी भूमि पर 398 चिन्हित अतिक्रमण है । जैसे जैसे उन्हें आदेश मिलेगा वैसे वैसे इन सभी सरकारी भूमि पर हुए चिन्हित अतिक्रमणों को हटा दिया जाएगा ।
