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गोविंदघाट–हेमकुंट साहिब ट्रेक रूट पर 5–6 फीट बर्फ, सेना 15 अप्रैल के बाद हटाएगी बर्फ

ज्योतिर्मठ, 6 अप्रैल (कपरूवाण)। सेना के जवानों और गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों ने संयुक्त रूप से गोविंदघाट से हेमकुंट साहिब तक ट्रेक रूट का सर्वेक्षण किया। रविवार को सर्वेक्षण कर लौटी टीम के अनुसार हेमकुंट साहिब में लगभग पांच से छह फीट तक बर्फ जमी हुई है। मार्ग में अटलाकोटी ग्लेशियर प्वाइंट पर भी काफी बर्फ मौजूद है।

लगातार हो रहे हिमपात के कारण पूरा ट्रैक बर्फ से ढका हुआ है।
हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा के अनुसार इस वर्ष सेना की टुकड़ी 15 अप्रैल के बाद रवाना होगी, जो यात्रा मार्ग पर जमी बर्फ को हटाने का कार्य करेगी, ताकि कपाट खुलने से पहले रास्ता पूरी तरह सुरक्षित व सुगम बनाया जा सके।
हेमकुंट साहिब सिख धर्म का एक अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जो हिमालय की गोद में स्थित है। यह स्थान अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है। चारों ओर बर्फ से ढके ऊंचे शिखर, नीले पानी का पवित्र सरोवर, घने जंगल और अलौकिक शांति इस स्थान को स्वर्ग समान बनाती है। यात्रियों को यहां प्रकृति की अद्भुत छटा के साथ-साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर–लोकपाल तीर्थ का भी विशेष पौराणिक महत्व है।
हेमकुंट साहिब यात्रा इस वर्ष 23 मई से शुरू हो रही है। पहला जत्था 20 मई 2026 को ऋषिकेश से रवाना किया जाएगा। गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट और भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि यात्रा को सुगम, सुरक्षित और निर्विघ्न बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

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