राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर चिन्हित आंदोलनकारियों का सम्मान

-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 8 नवंबर। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को तहसील कार्यालय थराली में रजत जयंती समारोह के तहत पिंडर घाटी के चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आंदोलनकारियों को फूलमालाएं व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी थराली अबरार अहमद ने की, जबकि उद्घाटन नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी अहमद ने राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर सभी राज्यवासियों को बधाई दी और कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष के बल पर हुआ है। उन्होंने सभी से राज्य के विकास में सक्रिय सहयोग की अपील की।

नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत ने अपने संबोधन में राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन और अन्य सुविधाएं देने की वकालत की। इस मौके पर आंदोलनकारियों ने सरकार से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, सम्मानजनक पेंशन प्रदान करने, आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने, चिन्हिकरण से वंचित आंदोलनकारियों को चिन्हित करने और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करने जैसी कई मांगें रखीं।
कार्यक्रम में तहसीलदार, रजिस्ट्रार कानूनगो अशोक नौटियाल, नायब तहसीलदार बलवीर लाल, तथा उपनिरीक्षक रोबर्ट सिद्दीकी ने आंदोलनकारियों को सम्मानित करने में सहयोग किया।
इस अवसर पर आंदोलनकारी भूपाल सिंह गुसाईं, देवी जोशी, कृष्णपाल गुसाईं, देवेंद्र नेगी, हीरा बल्लभ शर्मा, मोहन बहुगुणा, खीमानंद खंडूड़ी, कुंदन परिहार, हीरा प्रसाद खंडूड़ी, नरेंद्र बिष्ट, कलम सिंह गड़िया, वीरेंद्र बिष्ट और काम सिंह आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में सरस्वती विद्या मंदिर थराली की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
