गौचर में राज्य स्तरीय किसान दिवस: 88 हजार किसानों को 65.12 करोड़ की बीमा राशि, कृषि विकास को मिली नई गति
- गौचर किसान दिवस में बड़े ऐलान: 100 करोड़ का क्लीन प्लांट सेंटर, 90 करोड़ घेरबाड़ योजना को
- मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से बनेगा क्लीन प्लांट सेंटर
- घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को इस साल मिलेगा 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट
- उत्तराखंड में बनेगा कीवी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
- केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को सौंपा पीएमजीएसवाई-4 योजना के से संबंधित स्वीकृति पत्र

– दिग्पाल गुसाईं की रिपोर्ट –
गौचर (चमोली), 29 दिसंबर। ऐतिहासिक गौचर मैदान में सोमवार को किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रुपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ की स्थापना तथा जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड़ योजना के लिए राज्य को 90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने हेतु 1228.2 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लिए 1706.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में उत्तराखंड में हो रहे अभूतपूर्व परिवर्तनों के साथ किसानों के कल्याण और आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की झलक देखने को मिली। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में प्रतिभाग कर राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद किया तथा मेले में विभागीय एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा में जुटी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य के विकास, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण के प्रति समर्पित बताया। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इसे देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उत्तराखंड में कृषि भूमि सीमित है, लेकिन कृषि उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खराब पौधों से किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किया जाएगा, जहां से कीवी, सेब, माल्टा एवं नींबू प्रजाति के गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को फल एवं सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही हैं। कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों की टीम के माध्यम से राज्य के लिए पांच वर्षीय कृषि रोडमैप भी तैयार किया जाएगा। जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड़ योजना में इस वित्तीय वर्ष में 90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) पर जोर दे रहे हैं, जिससे छोटे किसानों को अधिक उत्पादन मिल सके। इसके लिए फल-सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को लखपति बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस पहल की है, जिसमें केंद्र सरकार भी सहयोग करेगी। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस जैसे निर्णयों को सुशासन की मिसाल बताया। साथ ही ‘विकसित भारत ग्राम योजना’ के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की बात कही।
कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं तथा किसानों की समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती एवं डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं से लगभग 9 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है तथा नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।
उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस एवं गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इसके अतिरिक्त, 1000 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। मंडुवा, कीवी एवं ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए 1200 करोड़ रुपये की नई नीतियां लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी एवं औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित की जा रही है। राज्य में बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने का आह्वान किया।
