गन्ना किसानों को बड़ी राहत: उत्तराखण्ड में पेराई सत्र 2025–26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 तक की बढ़ोतरी
देहरादून, 30 नवंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेराई सत्र 2025–26 के लिए राज्य की चीनी मिलों द्वारा क्रय किए जाने वाले गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) में महत्वपूर्ण वृद्धि को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण को तेज करना है और गन्ना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष गन्ना मूल्य में पिछले सत्र की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
पिछले पेराई सत्र 2024–25 में अगेती प्रजाति का मूल्य ₹375 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹365 प्रति कुंतल था। नए पेराई सत्र 2025–26 के लिए इन दरों में वृद्धि करते हुए अगेती प्रजाति का मूल्य ₹405 प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹395 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों और अन्य हितधारकों से विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही केन्द्र सरकार की एफ.आर.पी., उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य, तथा प्रदेश की भौगोलिक और कृषि स्थितियों का विश्लेषण कर यह संतुलित निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक निर्णय में किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का सम्मान सुनिश्चित करना और उन्हें पारदर्शी व समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा भुगतान समय पर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पेराई सत्र 2025–26 के लिए घोषित यह बढ़ा हुआ मूल्य न केवल गन्ना किसानों को राहत देगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
