सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मेहमूद ने कहा संविधान की रक्षा नही कि तो यह देश नही बचेगा
- एससी,एसटी, ओबीसी और आदिवासियों के अधिकारों पर मंडरा रहा खतरा
- उत्तराखंड व मणिपुर सीमावर्ती राज्य, जहां दुश्मन देश की भी कड़ी नजर
- नुमाइंदा ग्रुप ऑफ़ उत्तराखंड के कार्याक्रम में शामिल होने दून पहुंचे थे, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मेहमूद

देहरादून, 16 अगस्त। आज देश का संविधान खतरे में है, अगर भारतवासियों ने मिलकर संविधान की रक्षा नही कि तो, यह देश नही बचेगा। उत्तराखंड और मणिपुर सीमावर्ती राज्य हैं, जहां पर दुश्मन देश की भी कड़ी नजर है, इसलिए उत्तराखंड को चीन की गंदी नजरों से बचाने के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। यह बात सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मेहमूद प्राचा ने देहरादून में
नुमाइंदा ग्रुप ऑफ़ उत्तराखंड की और से आयोजित ‘जश्न-ए-आजादी-पैगाम-ए-मोहब्बत, देश में भाईचारा व सौहार्द’ विचार गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि हमारा संविधान बहुत मजबूत है, आज इसकी उपयोगिता और अधिक बढ़ गई है। संवैधानिक संस्थाओं को जिस प्रकार कमजोर किया जा रहा है, ऐसे हालात में सभी को संविधान पढ़ने और उस पर अमल करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि हम खुश किस्मत है कि हमारा जन्म भारत में हुआ है। इस बात पर चिंता जताई कि देश की 75 प्रतिशत संपत्ति पर 1 फीसदी लोगों का कब्जा है, जिसके चलते देश में समानता नहीं आ पा रही है।
प्रयाग आईएएस के निदेशक आर.ए.खान, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि एससी,एसटी, ओबीसी और आदिवासियों के अधिकार आज खतरे में पड़ गए हैं। महमूद प्राचा ने भाजपा और संघ परिवार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इनके संबंध दुश्मन देशों के साथ बहुत मजबूत है, तभी तो आए दिन इनके लोग पकड़े जा रहे हैं, जो हमारी खुशियां जानकारी और टेक्नोलॉजी दुश्मन देशों को दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि में मुस्लिमों पर होने वाले जुल्म से अधिक देश की अस्मिता को बचाने की जंग लड़ रहा हूं, इसीलिए सरकार के निशाने पर हूं। 80 करोड लोगों को फ्री राशन देने का जश्न मनाया जा रहा है, जबकि दुनिया की पांच में नंबर की ग्रोथ वाले देश में 80 करोड लोगो को अगर 5 किलो राशन पाने के लिए विवश होना पड़ रहा है, तो यह शर्म की बात है।
उत्तराखंड की सीमा से लगे चीन बॉर्डर पर सतर्क रहने और प्रदेशवासियों को चीन की नापाक हरकतों का जवाब देने के लिए हर समय तैयार रहने के लिए भी प्रेरित किया। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व आईएएस डॉ. रणवीर सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, लताफत हुसैन, मुफ्ती रईस अहमद कासमी, रजिया बेग, सलीम चौधरी, मोहम्मद सलीम, पार्षद मुकीम अहमद, जाकिर अंसारी, नसीम अहमद, खुर्शीद अहमद, आसिफ कुरेशी, रज्जाक, मोहम्मद रफी, इरशाद अली, मास्टर अब्दुल सत्तार, तौफीक खान, नासिर खान, असगर अली व डॉ.मुतीउर रहमान आदि मौजूद रहे।
नुमाइंदा ग्रुप ऑफ़ उत्तराखंड की और से महमूद प्राचा को देहरादून पधारने पर उनकी सेवाओं को देखते हुए ‘जस्टिस आगा हैदर’ आवार्ड से नवाज़ा गया। नुमाइंदा ग्रुप ऑफ़ उत्तराखंड के संयोजक पूर्व राज्य मंत्री हाजी याकूब सिद्दीकी ने कहा कि देश के संचालन के लिए जनता चुनकर जो नुमाइंदे भेज रही है, यह जस्टिस आगा हैदर जैसे बुजुर्गों की देन है। शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को फांसी की सजा ना देकर इस्तीफा देने वाले जस्टिस आगा हैदर ने देशभक्ति की मिसाल कायम की थी।

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मदरसा दार-ए-अरकम आजाद कालोनी देहरादून में प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री हाजी याकूब सिद्दीकी, जमीअत के जिला उपाध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार, जमीअत के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मौहम्मद शाहनजर, मुफ्ती अयाज़ अहमद, तौफीस खान, हाजी जफर अली, मौलाना अब्दुल वाजिद, तौफीक खान, कारी आरिफ, मौलाना अबु बकर, तनवीर खान, कारी शोबान, कारी फरहान, कारी शाहवेज, मौलाना सुहेल व डॉ. मुशाहिद, कारी नईम आदि ने ध्वजारोहण कर समस्त देश व राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। मदरसे के छात्रों ने जंग-ए-आजदी के वीर जवानों के जीवन संघर्ष से रूबरू कराया और राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान गाते हुए ध्वज को सलामी दी और मिष्ठान वितरण किया।
