उत्तराखंड में आवारा कुत्तों-गौवंश पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: मुख्य सचिव ने दिए नोडल अधिकारी तैनात करने, कांजी हाउस बनाने और जागरूकता अभियान चलाने के सख्त आदेश
देहरादून, 08 जनवरी : उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उच्चतम न्यायालय के आवारा पशुओं से जुड़े निर्देशों के अनुपालन पर जोर देते हुए संबंधित विभागों को क्षेत्रवार नोडल अधिकारी तैनात करने, देहरादून-हरिद्वार जैसे बड़े शहरों में स्ट्रे डॉग्स हटाने, राष्ट्रीय राजमार्गों व बस-रेलवे स्टेशनों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही आवारा गौवंश के लिए कांजी हाउस तैयार करने, स्थानीय लोगों को गोद लेने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और पालतू जानवरों के लिए ‘क्या करें-क्या न करें’ एसओपी बनाने के आदेश जारी किए।
ये निर्देश सार्वजनिक स्थानों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और क्रिटिकल पॉइंट्स पर आवारा कुत्तों व गौवंश से होने वाली दुर्घटनाओं व असुविधा को दूर करने के उद्देश्य से दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की और प्राथमिकता वाले स्थानों पर तुरंत कदम उठाने को कहा। परिवहन सचिव को बस-रेलवे स्टेशनों व आसपास स्थानीय निकायों के सहयोग से पशुओं को हटाने के निर्देश भी दिए गए।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों के क्रम में उठाया गया है, जो सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। राज्य सरकार इनका शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करेगी, जिससे शहरवासियों को राहत मिलेगी।
बैठक में सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय तथा अपर सचिव श्री विनीत कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

