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थराली आपदा : टुंडरी गांव के ग्रामीणों ने मोबाइल से बचायी चेपड़ो के निवासियों की कीमती जानें

हरेंद्र बिष्ट/महिपाल गुसाईं
थराली, 23 अगस्त। चेपड़ो कस्बे में शुक्रवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। हालांकि टुंडरी गांव के ग्रामीणों की समय पर दी गई चेतावनी ने कई जानें बचा लीं। शुक्रवार रात करीब 11 बजे से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी। रात करीब 1:30 बजे टुंडरी गांव की पहाड़ी पर बादल फटने की जोरदार आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा। घटना का अहसास होते ही टुंडरी गांव के ग्रामीणों ने मोबाइल फोन से चेपड़ो के निवासियों को सूचना दी कि ऊपर स्थित गंद्देरे की पहाड़ी पर बादल फट गया है और गंद्देरा तेज आवाज के साथ बहता हुआ चेपड़ो की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने और वाहनों, दुकानों तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को सुरक्षित कर लेने की अपील की।

सूचना मिलते ही चेपड़ो बाजार के लोग सतर्क हो गए। कुछ ही देर में थराली–देवाल–वांण राजमार्ग पर गंद्देरे में बने मोटर पुल पर जल स्तर अचानक बढ़ गया, लेकिन फिर थोड़ी ही देर में पानी घटने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि यह राहत ज्यादा देर तक नहीं रही।

बाजार का वजूद मलबे में समाया

घटना के चश्मदीद और हादसे में घायल पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवी जोशी ने बताया कि कुछ देर बाद गंद्देरे का पानी रौद्र रूप धारण कर बाजार की ओर तेजी से बढ़ा। सैलाब ने सुरक्षा दीवारों को तोड़ते हुए बड़े-बड़े बोल्डरों, पत्थरों, पेड़ों और भारी मात्रा में मलवा लाकर पूरे चेपड़ो बाजार को तबाह कर दिया। बाजार का वजूद मानो मिट ही गया।

उन्होंने बताया कि जब सैलाब का कहर बाजार में उतरा, उस समय करीब 60 लोग मौजूद थे। सभी लोग भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन इस दौरान सात लोग घायल हो गए और उनके पिता गंगा दत्त जोशी लापता हो गए। देवी जोशी का कहना है कि यदि टुंडरी के ग्रामीण समय पर चेतावनी न देते, तो जनहानि बहुत अधिक हो सकती थी।

सड़कें क्षतिग्रस्त, प्रशासनिक टीम फंसी

थराली क्षेत्र का ग्वालदम–कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, थराली–देवाल–वांण मार्ग के सुनगाड़ और खारीबगड़ क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। खराब सड़कों के कारण थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी संदीप तिवारी और उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट लगातार प्रयासों के बावजूद आपदाग्रस्त चेपड़ो गांव तक नहीं पहुंच सके।

राहत और बचाव कार्य तेज

आपदा की सूचना मिलते ही विभिन्न बलों और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं।

आईटीबीपी: कंपनी कमांडर अमित सिंह, डॉ. देवेश चौधरी और इंस्पेक्टर बचन सिंह के नेतृत्व में 37 जवानों की टीम राहत कार्यों में जुटी।

एनडीआरएफ: इंस्पेक्टर कर्ण सिंह और सब इंस्पेक्टर उमराव सिंह के नेतृत्व में 14 सदस्यीय दल तैनात।

एसडीआरएफ: असिस्टेंट कमांडेंट कर्ण सिंह भंडारी के नेतृत्व में 23 जवानों का दल सक्रिय।

स्थानीय प्रशासन: तहसीलदार अक्षय पंकज और पुलिस चौकी देवाल के इंचार्ज सतेंद्र सिंह बुटोला के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार सहायता प्रदान कर रहा है।

 

📌 आपदा से जुड़े मुख्य तथ्य 

घटना का समय: शुक्रवार देर रात 1:30 बजे

घटना स्थल: टुंडरी गांव की पहाड़ी, गंद्देरे का चेपड़ो की ओर बहाव

मुख्य नुकसान: पूरा चेपड़ो बाजार मलबे में समाया

घायल: 7 लोग घायल

लापता: गंगा दत्त जोशी

बचाई गई जानें: टुंडरी गांव की चेतावनी से लगभग 60 लोगों की जानें बचीं

मार्ग स्थिति: ग्वालदम–कर्णप्रयाग और थराली–देवाल–वांण मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्

राहत कार्य: आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर सक्रिय

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