मुख्य सचिव ने गृह विभाग की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
देहरादून, 2 फरबरी। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में गृह विभाग की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस विभाग को प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महत्वपूर्ण मामलों की जनपद एवं पुलिस मुख्यालय स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए शीघ्र निस्तारण की दिशा में कार्य करने को कहा।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में अभियोजन एवं फॉरेंसिक जांच व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किए जाने पर बल दिया, ताकि प्रगति एवं मॉनिटरिंग प्रभावी रूप से की जा सके। उन्होंने ई-समन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए जाने की आवश्यकता भी बताई।
उन्होंने आमजन की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण हेतु जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गृह/पुलिस विभाग के अंतर्गत वादों के निस्तारण के लिए थाना एवं तहसील दिवस आयोजित किए जाने की बात कही। इसके लिए सर्वप्रथम एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार करने की आवश्यकता बताई। इस एसओपी को सचिव गृह, सचिव राजस्व, मंडलायुक्त एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण हेतु प्रत्येक माह 2 से 3 कैंप आयोजित किए जा सकते हैं।
मुख्य सचिव ने थानों में जब्त वाहनों की नीलामी कर परिसर खाली कराए जाने पर भी जोर दिया। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों से संबंधित वाहनों के निस्तारण के लिए उपलब्ध अन्य विकल्पों का भी परीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पॉक्सो मामलों में त्वरित एवं कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाते हुए सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाए तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने वन स्टॉप सेंटरों को और अधिक सशक्त किए जाने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही ड्रग्स के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई करते हुए एनकॉर्ड की मासिक बैठकों का निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को लंबित वांछित रिपोर्ट तत्काल प्रेषित करने एवं विवेचनाओं को शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने मानस नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे की लत से बचाने में शिक्षकों एवं अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में भी इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, ताकि जन-जागरूकता बढ़ाई जा सके। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों द्वारा ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के अनुपालन की निगरानी करने के निर्देश दिए। बड़े सरकारी अस्पतालों में नशा मुक्ति उपचार हेतु कुछ बेड आरक्षित किए जाने की संभावनाओं का भी परीक्षण किए जाने की बात कही।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनाई, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं सचिव श्री शैलेश बगौली सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा जनपदों से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
