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अंकिता भंडारी मामले में सरकार पड़ी नरम, मुख्य मंत्री ने VIP को लेकर सीबीआइ जांच का दिया संकेत 

देहरादून, 6 जनवरी । अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्य सरकार का रुख नरम पड़ता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वे स्वयं अंकिता के माता-पिता से मिलेंगे और उनकी भावनाओं तथा इच्छा के अनुरूप ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। स्वर्गीय अंकिता के माता पिता पहले ही  इस मामले में सीबीआई की मांग करते रहे हैं। मुख्य मंत्री का संकेत अंकिता के माता पिता से भेंट के दौरान ही सीबीआई जांच की घोषणा की ओर प्रतीत होता है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है और इस दिशा में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया है।

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है और यदि ठोस सबूत सामने आए तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि पहले हुई एसआईटी जांच पर निचली अदालत के साथ-साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी संतोष जताया है, जिसके चलते तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान में वायरल हो रही कथित ऑडियो क्लिप पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इसके आधार पर अनावश्यक माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन सत्यता की जांच के बाद हर कदम उठाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की जनता की भावनाएं अंकिता के साथ हैं, मगर सबसे ज्यादा प्रभावित उसके माता-पिता हैं, इसलिए उनकी अपेक्षाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सीएम धामी ने बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई।

इस बीच प्रदेशभर में सीबीआई जांच और कथित वीआईपी के नाम उजागर करने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। विपक्षी दल और विभिन्न संगठन 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का ऐलान कर चुके हैं

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