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मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी गौचर का स्वास्थ्य केंद्र नहीं हुआ उच्चीकृत, क्षेत्रवासियों में नाराजगी

– गौचर से दिग्पाल गुसाईं-

भले ही विकास के लंबे-चौड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि जनपद चमोली की हृदयस्थली गौचर में मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी आज तक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्रवासियों में गहरा असंतोष और नाराजगी पनप रही है।

समतल क्षेत्र के लिए पूरे मंडल में अद्वितीय माने जाने वाले गौचर नगर पालिका क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन परिपक्व नेतृत्व के अभाव में अब तक इस क्षेत्र का समुचित विकास नहीं हो सका है। कृषि प्रधान इस क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं और उच्च शिक्षा संस्थानों का अभाव तो है ही, लेकिन सबसे अधिक समस्या लोगों को चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था से झेलनी पड़ रही है।

अलग राज्य बनने के बाद से ही क्षेत्रवासी गौचर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत करने की मांग करते आ रहे हैं। वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, बद्रीनाथ के दिवंगत विधायक अनसूया प्रसाद मैखुरी और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ के प्रयासों से गौचर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की पहल शुरू हुई थी। इसके लिए 1 करोड़ 39 लाख रुपये की टोकन मनी भी स्वीकृत की गई थी।

इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री रहे सुरेंद्र सिंह नेगी और रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भी अपने-अपने कार्यकाल में क्षेत्रवासियों को इस अस्पताल के उच्चीकरण का भरोसा दिलाया, लेकिन बात घोषणाओं से आगे नहीं बढ़ सकी। तब से अब तक अस्पताल परिसर में भारी-भरकम भवनों का ढांचा खड़ा कर दिया गया है, परंतु राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद इस केंद्र का उच्चीकरण नहीं हो पाया। नतीजतन, लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी अन्यत्र जाना पड़ता है।

14 नवंबर 2022 को विधायक अनिल नौटियाल और तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष अंजू बिष्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से इस अस्पताल के उच्चीकरण की मांग की थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने उस मांग को नकार दिया था।

पुनः 14 नवंबर 2023 को गौचर मेले के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी से पुनः यह मांग उठाई गई। उस समय मुख्यमंत्री ने गौचर में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का भी आश्वासन दिया था।

हालांकि, आश्वासन को अब दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस पर क्षेत्रवासियों में गहरी नाराजगी है।

निकाय चुनाव के दौरान जब भाजपा प्रत्याशी के प्रचार के लिए पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी गौचर पहुंचे, तो उन्हें मंच से यह कहना पड़ा कि यदि जनता भाजपा का बोर्ड गठित करती है तो गौचर अस्पताल का शीघ्र उच्चीकरण किया जाएगा। लेकिन जनता ने उनकी बातों पर भरोसा न करते हुए भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी और व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने कहा कि भाजपा नेताओं को अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से यह पूछना चाहिए कि गौचर में की गई घोषणाएं आखिर कहां दफन हो गईं? जनता अब खोखले वादों से नहीं, वास्तविक विकास चाहती है।

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