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उत्तराखंड में भूलेख पोर्टल 1 जनवरी से होगा प्रारंभ

 

देहरादून, 18  दिसम्बर। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के संबंध में एनआईसी, आईटीडीए एवं राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने भूमि अभिलेखों से संबंधित विभिन्न सॉफ्टवेयरों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि भू-अभिलेखों से संबंधित सभी पोर्टल शीघ्रातिशीघ्र प्रारंभ किए जाएं।

मुख्य सचिव ने भूलेख पोर्टल को 1 जनवरी से प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे आमजन को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि दाखिल-खारिज की स्थिति अपडेट होते ही संबंधित व्यक्ति को व्हाट्सएप एवं एसएमएस के माध्यम से तत्काल सूचना प्राप्त हो तथा आरओआर में परिवर्तन होते ही स्वतः सजरा में भी स्थिति अद्यतन हो जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नागरिक अपने भूमि अभिलेखों की प्रति आसानी से प्राप्त कर सकें।

मुख्य सचिव ने आरसीएमएस पोर्टल को भी 26 जनवरी, 2026 तक प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों को पूर्ण रूप से ई-कोर्ट के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके। उन्होंने राजस्व न्यायालयों से संबंधित मामलों में भूमि अभिलेखों के सत्यापन हेतु पटवारी एवं कानूनगो स्तर पर समय-सीमा निर्धारित कर उसे सॉफ्टवेयर में समाविष्ट करने के निर्देश दिए, ताकि प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्य सचिव ने आईटीडीए को भी अपने सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिस्टम के संचालन हेतु आवश्यक ढांचागत एवं तकनीकी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, सभी हितधारकों एवं उपयोगकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, राजस्व आयुक्त श्रीमती रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल सहित एनआईसी एवं आईटीडीए के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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