बिजनेस/रोजगार

उत्तराखंड में बैंकों का प्रथम त्रैमास में ऋण जमा अनुपात 52 प्रतिशत तक पहुंचा

देहरादून, 5  अक्टूबर ।  अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 86वीं बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रथम त्रैमास में राज्य का ऋण जमा अनुपात 52 प्रतिशत है।

बैठक में बैंक प्रतिनिधियों ने बताया गया कि जून, 2023 तक राज्य में 34.34 लाख पी.एम.जे.डी.वाई. खाते खोले गये हैं। पी.एम.एस.बी.वाई. योजना अंतर्गत 30.07 लाख, पी.एम.जे.जे.बी.वाई. योजना अंतर्गत 8.82 लाख तथा अटल पेंशन योजना अंतर्गत 6.21 लाख खाताधारकों को आच्छादित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम एवं द्वितीय फेज में राज्य के समस्त जिलों के 32 केन्द्रों में प्रायोजक बैंकों (भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से  CRISIL Foundation  ( implementing NGO ) द्वारा वित्तीय साक्षरता केन्द्र (CFL) की स्थापना की गयी है, जो कि 95 ब्लाक को कवर कर रहे है।

बैठक में बताया गया कि वार्षिक ऋण योजना 2023-24 के प्रथम त्रैमास में प्राथमिकता क्षेत्र अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य ₹ 34939 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा ₹ 13494 करोड (39 प्रतिशत) की प्रगति दर्ज की गयी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रथम त्रैमास में राज्य का ऋण जमा अनुपात 52 प्रतिशत है। राज्य में बैंकों द्वारा 4812, इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा 153 तथा सी.एस.सी. द्वारा 1082 बी.सी. नियुक्त किये गये हैं। राज्य में कुल 6047 बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट कार्यरत हैं। जन सुरक्षा योजनाओं हेतु संतृप्तता अभियान के अंतर्गत दिनांक 30.09.2023 तक कुल ग्राम पंचायत 7791 में से 7143 ग्राम पंचायत को कवर किया गया है, जो कि कुल ग्राम पंचायत का 92 प्रतिशत है।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि केंद्र एवं राज्य द्वारा चलाई जा रही विभिन्न ऋण संबंधित योजनाओं के अंतर्गत बैंक एवं संबंधित विभाग आपस में समन्वय कर आम जन को तय समय पर ऋण उपलब्ध करवाए। उन्होंने कहा समस्त बैंक लम्बित ऋण आवेदन पत्रों का तय समय पर निस्तारण करें। विभिन्न योजनाओ के अंतर्गत ऋण आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु बैंक, बैंक सखी एवं विभाग का सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने कहा ऋण आवेदन के क्षेत्र पर सभी बैंक नो-पेंडेंसी के वर्क कल्चर को अपनाएं। बैंकों द्वारा जिन भी ऋण आवेदन पत्रों को अस्वीकारा गया हो, उनका पुनः आंकलन किया जाए।

अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि बैंक स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन से समन्वय करते हुये बैंक के एन.पी.ए. कम करने का प्रयास करें। साथ ही जिन जिलों में ऋण जमा अनुपात काम हो, सभी जिलों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने हेतु क्रेडिट आउटरीच कैंपों को अयोजन हो। उन्होंने कहा बैंकिंग सेवाओं से अनाच्छादित क्षेत्रों को शीघ्र आच्छादित किया जाए। अधिकाधिक खाताधारकों को बैंको में सामाजिक सुरक्षा योजना एवं जन सुरक्षा योजनाओं हेतु आच्छादित किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कैंप का आयोजन किया जाए।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव ग्राम्य विकास आनंद स्वरूप, अपर सचिव पर्यटन पूजा गर्ब्याल, अपर सचिव नितिन भदौरिया, क्षेत्रीय निदेशक आरबीआई श्रीमती लता विश्वनाथन, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड विनोद कुमार बिष्ट, श्री पंकज गुप्ता अध्यक्ष इंडस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखंड, मुख्य महाप्रबंधक एसबीआई श्री कल्पेश कृष्णकांत अवासिया, महाप्रबंधक एसबीआई श्री दिगविजय सिंह रावत, श्री राजीव रत्न श्रीवास्तव, श्री अमरेंद्र कुमार, श्री राजीव पंत,  विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!