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अंकिता भंडारी के नाम पर होगा डोभ (श्रीकोट) नर्सिंग कॉलेज: उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल अमल-शासनादेश हुआ जारी

 

देहरादून, 8 जनवरी ।  उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज, डोभ (श्रीकोट) का नाम बदलकर स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज’ कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने गुरुवार को इसका आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। इस भावुक मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अंकिता को न्याय दिलाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परिवार ने अंकिता की स्मृति को जीवित रखने और उसे सम्मान देने के लिए नर्सिंग कॉलेज के नामकरण की मांग की थी, जिसे सरकार ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

यह कदम अंकिता के बलिदान को सम्मान देने और समाज को यह संदेश देने की कोशिश है कि उत्तराखंड की बेटियों का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है।


पृष्ठभूमि: क्या था अंकिता भंडारी मामला?

अंकिता भंडारी मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि समझना आवश्यक है:

  • घटना की शुरुआत: सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित एक निजी रिसॉर्ट (वनन्तरा रिसॉर्ट) में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत थी।

  • लापता और दुःखद अंत: अंकिता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। कई दिनों की तलाश के बाद ऋषिकेश के पास चिल्ला नहर से उसका शव बरामद हुआ था।

  • आरोप और आक्रोश: जांच में सामने आया कि अंकिता पर अनैतिक कार्यों का दबाव बनाया जा रहा था, जिसका विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया।

  • जन आंदोलन: इस हत्याकांड के विरोध में पूरे उत्तराखंड में अभूतपूर्व जन-आक्रोश देखने को मिला। सड़कों पर हजारों लोग ‘बेटी को न्याय’ दिलाने के लिए उतर आए थे।

  • सरकार की कार्रवाई: मुख्यमंत्री धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार ने विवादित रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलवाकर कड़ा संदेश भी दिया था।


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