केंद्रीय बजट 2026 : जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या हो गया महंगा
नयी दिल्ली, 2 फरबरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में सीमा शुल्क (Customs Duty) और अन्य करों में बदलाव के कारण कई वस्तुओं की कीमतों में बदलाव आया है। विशेष रूप से स्वास्थ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा क्षेत्र को राहत दी गई है, जबकि विलासिता (Luxury) और ‘सिन गुड्स’ (जैसे शराब और तंबाकू) को महंगा किया गया है।
यहाँ बजट के बाद सस्ता और महंगा होने वाली प्रमुख वस्तुओं की विस्तृत सूची दी गई है:
क्या सस्ता हुआ?
सरकार ने घरेलू विनिर्माण (Make in India) और आम आदमी की स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित वस्तुओं पर टैक्स कम किया है:
1. स्वास्थ्य और दवाइयां
- कैंसर की दवाएं: 17 प्रमुख कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है।
- डायबिटीज और दुर्लभ बीमारियां: शुगर (Diabetes) के मरीजों के लिए इंसुलिन और 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली विशेष दवाओं व पोषक आहार को सस्ता किया गया है।
- व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित दवाएं: विदेश से अपने इलाज के लिए मंगवाई जाने वाली दवाओं पर भी राहत दी गई है।
2. इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण
- माइक्रोवेव ओवन: माइक्रोवेव के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे घरेलू माइक्रोवेव सस्ते होंगे।
- मोबाइल और टैबलेट: भारत में निर्मित स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है क्योंकि इनके कलपुर्जों पर शुल्क घटाया गया है।
- EV बैटरियां: लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनरी और कच्चे माल पर छूट से इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते हो सकते हैं।
3. यात्रा और अन्य सेवाएं
- विदेश यात्रा (Overseas Tours): विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) को 5-20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है।
- विदेशी शिक्षा और इलाज: विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसे भेजने (Remittance) पर भी टैक्स घटाकर 2% कर दिया गया है।
- व्यक्तिगत आयात: यात्रियों द्वारा विदेश से व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाए जाने वाले सामान पर ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है।
4. ऊर्जा और उद्योग
- सोलर पैनल और सोलर ग्लास: सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इससे जुड़े उपकरणों पर छूट दी गई है।
- लेदर और कपड़े: चमड़े के जूते और कपड़ों के निर्यात के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर शुल्क हटाया गया है।
- सी-फूड (Seafood): समुद्री उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर छूट बढ़ाई गई है।
क्या महंगा हुआ?
राजस्व बढ़ाने और गैर-जरूरी आयात को हतोत्साहित करने के लिए सरकार ने इन चीजों पर कर बढ़ा दिया है:
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- शराब और तंबाकू: विदेशी शराब (Imported Alcohol), सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और पान मसाला की कीमतें बढ़ेंगी।
- विदेशी घड़ियाँ: प्रीमियम और लग्जरी ब्रांड की आयातित घड़ियाँ महंगी होंगी।
- कॉफी मशीनें: कॉफी रोस्टिंग, ब्रूइंग और वेंडिंग मशीनों पर मिलने वाली टैक्स छूट खत्म कर दी गई है।
- खाद (Fertilizers): खाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों (अमोनियम फॉस्फेट आदि) पर आयात शुल्क में बदलाव के कारण खाद महंगी हो सकती है।
- शेयर बाजार में ट्रेडिंग: फ्यूचर्स (Futures) और ऑप्शंस (Options) ट्रेडिंग पर लगने वाले STT (Securities Transaction Tax) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
- विदेशी कैमरे: फिल्म बनाने और फोटोग्राफी के लिए विदेश से मंगाए जाने वाले हाई-एंड कैमरे महंगे होंगे।
- इम्पोर्टेड छाते और ATM मशीनें: कम लागत वाले आयातित छाते और कैश डिस्पेंसिंग मशीनों के पुर्जे भी महंगे हुए हैं।
विशेष नोट: नए आयकर अधिनियम (New Income Tax Act, 2025) के प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
