गौचर मेले की बैठक में मेले पर कम और जन समस्याओं पर चर्चा ज्यादा
–गौचर से दिग्पाल गुसांईं-
जनपद चमोली का गौचर पालिका क्षेत्र समस्याओं के मकड़जाल में किस हद तक फंस गया है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गौचर मेला आयोजन की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के सामने मेले के बारे में कम क्षेत्र की समस्याएं ज्यादा गिनाई।
गौचर क्षेत्र को सीमांत जनपद चमोली की हृदय स्थली माना जाता है। हवाई पट्टी बन जाने से यह क्षेत्र भले ही हवाई मानचित्र में अंकित हो गया हो। लेकिन यही हवाई पट्टी अब क्षेत्र के लोगों को जी का जंजाल बन गई। हवाई पट्टी के लिए जमीन अधिग्रहण करते समय क्षेत्र के कास्तकारों के साथ आने-जाने के रास्ते, सिंचाई की उचित व्यवस्था,के अलावा प्रभावितों के पाल्यों को रोजगार की व्यवस्था जैसे वायदे किए गए थे। लेकिन हवाई पट्टी बनने के 23 साल बीत जाने पर भी आज तक एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया है इससे यहां का कास्तकार अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। खेतों के बीचों बीच बनाई गई गौचर हवाई पट्टी के चारों ओर गांव बसे हुए हैं। इस जमीन के बीचों बीच एक रास्ता ऐसा भी था जो इस जमीन को एक सिरे से दूसरे सिरे को जोड़ता था वह भी पट्टी में समाहित हो गया है।
पट्टी की चार दीवारी बन जाने से कास्तकारों के सामने खेतों में आने जाने का घोर संकट पैदा हो गया है। अब तक चार दीवारी की ऊंचाई कम होने से किसी तरह कास्तकार दीवार फांदकर खेतों तक पहुंच रहे थे। वर्तमान में चार दीवारी की ऊंचाई नौ फिट के आसपास करने का कार्य गतिमान होने से कास्तकारों के सामने रास्तों का घोर संकट पैदा हो गया है। क्षेत्र को पेयजल मुहैया कराने के लिए प्राकृतिक श्रोतों के अलावा रीवर बैंक फिल्ट्रेसन योजना के तहत पेयजल लिफ्ट पंप का निर्माण भी किया गया है।
बाबजूद इसके क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या आम बात हो गई है। विद्युत व्यवस्था का तो बुरा हाल है। बंदर व लंगूर लंबे समय से फसलों को भारी नुक़सान पहुंचाते आ रहे हैं। सिंचाई नहर व उसकी शाखा गूलें वर्षों से क्षतिग्रस्त होने से कास्तकारों के सामने सिंचाई का घोर संकट बना हुआ। एन एच ई डी सी एल द्वारा मुख्य बाजार में बनाई गई सड़क किनारे की नाली व्यापारियों के साथ ही आम जनता को परेशानी का सबब बन गई है। गौचर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का मामला भी वर्षों से लटका हुआ है।
संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों से काम चलाया जा रहा है। समय समय पर इन समस्याओं के निराकरण के लिए जनप्रतिनिधि विभागों से गुहार लगाते आ रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई न होने से क्षेत्र के लोग अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यही कारण रहा है कि गौचर मेले की पहली बैठक में गौचर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मेले के बारे में कम क्षेत्र की समस्याएं ज्यादा गिनाई।
व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुनील पंवार आदि का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। इसके लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई गई है।
