जंग-ए-आजादी के जश्न में रंगा टीएमयू

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ख़ास बातें

  • देशभक्ति के नारों से गुंजायमान हुआ टीएमयू कैंपस
  • कोविड की गाइड़लाइन्स का सख्ती से हुआ पालन
  • एजुकेशन, एग्रीकल्चर और टिमिट में भी फहरा झंडा

–प्रो. श्याम सुंदर भाटिया

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रघुवीर सिंह बोले, भारत अब आइटीशियंस का देश हैं, सपेरों का नहीं। हमारे पूर्वजों की ओर से सौपीं  विरासत ही देश की तरक्की का सबब है। किसी भी देश की प्रोग्रेस में उसकी सुरक्षा अति महत्वपूर्ण होती है। आप चाहें कितने भी विद्वान क्यों न हो यदि आपके देश की सीमा महफूज नहीं है, आप कभी भी उन्नति नहीं कर सकते हैं। सेना के सेवा, संकल्प और समर्पण को सल्यूट करते हुए बोले, युवा केवल पैसे कमाने के लिए सेना में नहीं आते हैं, बल्कि देशभक्ति का कारण उन्हें सेना में ले आता है।

आत्मनिर्भरता का उदाहरण देते हुए बोले, कभी हमारे सभी हथियार विदेशों से आयात होते थे, वर्तमान में हम अपनी 50 प्रतिशत जरूरतें खुद से पूरी कर रहे हैं और निर्यात की ओर बढ़ रहे है। यदि हम आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, हम अपनी देश और विदेश नीति को अपने अनुसार नहीं रख सकते हैं। किसी भी देश की आर्थिक मजबूती में युवाओं की मेहनत भी निहित है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, विलासिता मोह के फेर में युवा अपने इतिहास को भूल रहे हैं। प्रो. सिंह टीएमयू कैंपस में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने आन-बान-शान से ध्वाजारोहण करके कार्यक्रम का शंखनाद किया। यूनिवर्सिटी की सिक्योरिटी की ओर से तिरंगे को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। भारत माता की जय… जय हिंद… वंदे मातरम…सरीखे नारों से कैंपस गुंजायमान हो गया। झंडारोहण के वक्त कोविड-19 की गाइड़लाइन्स का सख्ती से पालन किया गया। संचालन एफओईसीएस के निदेशक प्रो. आरके द्विवेदी ने किया। इस मौके पर टिमिट के निदेशक प्रो. विपिन जैन, सीटीएलडी के निदेशक प्रो. आरएन कृष्णिया, डॉ. अर्पित जैन आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही। अंत में मिष्ठान वितरण भी हुआ। इसके अलावा एग्रीकल्चर कॉलेज, आदिनाथ कॉलेज, कुंथुनाथ कॉलेज के संग-संग टिमिट में भी जंग-ए-आजादी का जश्न धूमधाम से मनाया गया।

 

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