क्षेत्रीय समाचार

जानलेवा बना जौरासी–किमोठा–तोणजी मोटर मार्ग, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार

राजेश्वरी राणा की रिपोर्ट

पोखरी, 5 अक्टूबर। जौरासी–किमोठा–तोणजी मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति ने क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। कार्यदायी संस्था एनपीसीसी (NPCC) की लापरवाही के चलते यह मार्ग अब जानलेवा साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की है।

सड़क निर्माण का प्रथम चरण 2018 में पीएमजीएसवाई के तहत शुरू हुआ, जबकि दूसरे चरण की जिम्मेदारी एनपीसीसी को सौंपी गई। लेकिन दोनों संस्थाओं की लापरवाही और घटिया कार्यशैली के चलते करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार नालियां, पुस्ते और स्क्वॉर अधूरे पड़े हैं, वहीं कुछ स्थानों पर किया गया डामरीकरण घटिया गुणवत्ता का होने से उखड़ चुका है।

बरसात के दौरान सड़क जगह-जगह कीचड़ और मलबे में तब्दील हो जाती है, जिससे स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क निर्माण के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला है। साथ ही खेतों में गिरे मलबे की भरपाई भी नहीं की गई है.

तोणजी की ग्राम प्रधान राजेश्वरी देवी, पूर्व प्रधान मुकेश नेगी, सुबेदार मातबर सिंह नेगी, किमोठा के प्रधान हरिकृष्ण किमोठी, प्रदीप नेगी, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिगपाल सिंह नेगी, दीप दर्शन नेगी, रमेश नेगी, कुलदीप नेगी, हयात सिंह बिष्ट, श्रीचंद नेगी, दीपक सिंह और योगम्बर नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2014–15 में लगभग 9 किलोमीटर लंबा जौरासी–किमोठा–तोणजी मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था।

ग्रामीणों ने मांग की है कि एनपीसीसी को डिफाल्टर संस्था घोषित कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और सड़क निर्माण का कार्य किसी नई एवं जिम्मेदार संस्था को सौंपा जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द एक सुरक्षित और सुगम सड़क मिल सके।

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