उत्तराखण्ड में पर्यटन-तीर्थाटन ने बनाया नया रिकॉर्ड ; छह करोड़ से अधिक आगंतुक
देहरादून, 3 फरबरी। उत्तराखण्ड में वर्ष 2025 के दौरान पर्यटन एवं तीर्थाटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में कुल छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक एवं तीर्थयात्री पहुंचे, जो राज्य गठन के बाद अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
आंकड़ों के अनुसार, हरिद्वार जनपद में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक एवं तीर्थयात्री पहुंचे। देहरादून जनपद में 67 लाख 35 हजार 71 तथा टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 आगंतुक दर्ज किए गए।
राज्य में पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आवागमन, ठहराव तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके चलते विभिन्न पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर आगंतुकों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 06 करोड़ 03 लाख 21 हजार 194 पर्यटक एवं तीर्थयात्री उत्तराखण्ड आए, जिनमें 1 लाख 92 हजार 533 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। यह पहली बार है जब प्रदेश में आगंतुकों की संख्या छह करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में 2 करोड़ 18 हजार 115, वर्ष 2022 में 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 338, वर्ष 2023 में 5 करोड़ 96 लाख 36 हजार 601 तथा वर्ष 2024 में 5 करोड़ 95 लाख 50 हजार 277 पर्यटक एवं तीर्थयात्री उत्तराखण्ड पहुंचे थे।
पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखण्ड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।
पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
