चोपता ट्रैक पर फंसे पर्यटकों को 22 घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद सकुशल निकाला

गोपेश्वर, 21 जनवरी (गुसाईं) । केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत चोपता- देवरियाताल ट्रैक पर खाई में फंसे तीन पर्यटकों को 22 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग के कार्मिकों ने सकुशल रेस्क्यू कर लिया है।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर के प्रभागीय वनाधिकारी तरुण एस. एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह ने बताया कि 19 जनवरी को तीन ट्रैकरों का एक दल बिना वन विभाग की अनुमति के चोपता- देवरियाताल ट्रैक पर गया था। देवरियाताल से करीब पांच किमी आगे जाने पर पर्यटक रास्ता भटक कर गहरी खाईं में जा फंसे और खाईं से बाहर नहीं निकल पाए।
उन्होंने बताया कि 20 जनवरी को ऊखीमठ के ताला कक्ष संख्या 3 के वन कर्मी जब नियमित गश्त पर जब इस क्षेत्र में गए तो उन्हें खाईं से आवाजें सुनाई दी, जिस पर वन कर्मी जान जोखिम में डाल कर खाई में उतरे तो उन्हें दो व्यक्ति बिहार निवासी समीर कुमार पांडे एवं उत्तर प्रदेश निवासी नमन यादव घायल अवस्था में मिले। उनके पैरों एवं सिर पर चोटें थी, जबकि उनका तीसरा साथी राजस्थान निवासी अधिराज सिंह चौहान मदद मांगने के लिए आगे बढ़ गया। उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था।
इस पर वन विभाग की टीम ने अपने साथ लाई खाद्य सामग्री, पानी आदि पर्यटकों को देते हुए उन्हें खाईं से बाहर निकाला और घटना की सूचना रेंज कार्यालय को दी। रेंज कार्यालय ने यह सूचना वन प्रभाग गोपेश्वर को दी। पर्यटकों के फंसने एवं घायल होने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभाग द्वारा जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग को देने के साथ ही डीडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड को दी। उसके बाद सभी टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुई। इन टीमों ने वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बचाव एवं राहत अभियान चलाया।
करीब 22 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों पर्यटकों को मंगलवार तड़के करीब 3.30 बजे सकुशल खाई से बाहर निकाल लिया गया। है।
इस दौरान वन विभाग ऊखीमठ रेंज के ईश्वर सिंह, प्रबल सिंह, योगेन्द्र सिंह, विरेंद्र सिंह, शिशुपाल सिंह, मुकेश सिंह, विनीता भंडारी, बीर सिंह बिष्ट, प्रदीप सिंह रावत, गंगा सिंह राणा ने बचाव एवं राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई, पर्यटकों को खोजने वाले दल में प्रबल सिंह, योगेन्द्र सिंह, विरेंद्र सिंह एवं शिशुपाल सिंह शामिल थे।
