शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट सत्ताधारी पार्टी की निरंकुशता : इंसानियत मंच
देहरादून, 24 फरबरी। उत्तराखंड इंसानियत मंच ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक पर किये गये जानलेवा हमले की कड़ी निन्दा की है और इस घटना को सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों की निरंकुशता का नतीजा बताया है। मंच ने हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
एक प्रेस नोट में मंच ने कहा है कि भीड़ के साथ सरकारी ऑफिस में जाना और प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ मारपीट कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं है। इस मामले में सत्ता पक्ष के विधायक का शामिल होना मामले को और भी गंभीर बना देता है। इस घटना से साफ होता है सत्ताधारी पार्टी के समर्थक मनमानी पर उतर आये हैं और अब कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने में भी वे हिचकिचाहट महसूस नहंी कर रहे हैं।
मंच का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक पर हमले के जो वीडियो सामने आये हैं, उनमें साफ दिख रहा है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया था। हमले में उनका सिर फट गया था। खुद निदेशक ने अपनी शिकायत में जान से मारने का प्रयास करने की बात कही है। इसके बाद भी हत्या के प्रयास की धारा न लगाया जाना इस बात का संकेत है कि पुलिस हमलावरों को बचा रही है।
मंच ने कहा है कि हिस्ट्रीशीटर सहित जिन चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। ऐसा इसलिए हुआ कि पुलिस ने बहुत हल्की धाराएं लगाई हैं। मुकदमें में एक धारा सरकारी कर्मचारी को मामूली चोट पहुंचाने की है, जबकि निदेशक अजय नौडियाल को लहूलुहान चेहरे वाला फोटो गवाही दे रहा है कि यह मामूली नहीं, बल्कि गंभीर चोट है।
मंच ने कहा है कि हाल के दिनों में देहरादून में कानून-व्यवस्था बुरी तरह से खराब हुई है। पुलिस अक्सर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के दबाव में रहती है। पुलिस को बिना किसी दबाव में आये अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। यदि अपराध करने वाला कोई विधायक हो, तब भी कार्रवाई में किसी तरह की ढील नहीं बरती जानी चाहिए।
