उस्ताद कमाल साबरी का सारंगी वादन दून पुस्तकालय में

देहरादून, 23 मार्च। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में स्पिक मैके के सहयोग से केंद्र के सभागार में सुप्रसिद्ध सारंगी वादक उस्ताद कमाल साबरी द्वारा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कमाल साबरी के सारंगी वादन के साथ बनारस के युवा तबला वादक रजनीश मिश्रा ने तबले पर प्रभावशाली संगत करते हुए बेहतरीन जुगलबंदी प्रस्तुत की।
आसरा ट्रस्ट के बच्चों के साथ संवाद करते हुए उस्ताद साबरी ने सारंगी और तबले का परिचय दिया। उन्होंने इन वाद्य यंत्रों की बनावट, वादन शैली, विशेषताओं तथा स्वर संगीत के मूल तत्वों की जानकारी भी छात्रों को दी।
कार्यक्रम की शुरुआत राग शुद्ध सारंग से की गई। इसके बाद उन्होंने तीनताल (धा धिन धिन ता) की संरचना और उसके प्रयोग को समझाया। आगे चलकर सारंगी और तबले की जुगलबंदी में “हम होंगे कामयाब”, “रघुपति राघव राजा राम”, “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा” तथा उत्तराखंड के लोकगीत “बेडू पाको बारामासा” की मधुर धुनें बच्चों के साथ प्रस्तुत की गईं।
उस्ताद कमाल साबरी ने विश्वभर के प्रतिष्ठित समारोहों, संगीत सभागारों और सांस्कृतिक संस्थानों में अपनी प्रस्तुतियों से विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने विभिन्न संगीत परंपराओं के प्रमुख कलाकारों के साथ सहयोग करते हुए सारंगी की भावपूर्ण ध्वनि को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है और इसे वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे एक उत्कृष्ट वादक होने के साथ-साथ फिल्मों, थिएटर प्रोडक्शन और अंतर-विषयक कलात्मक परियोजनाओं के लिए भी संगीत दे चुके हैं।
संगीत और सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके समर्पण के लिए उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें उज्बेकिस्तान में वर्ल्ड म्यूजिक आर्टिस्ट अवार्ड (2023), मुंबई में कंपोजर ऑफ द ईयर अवार्ड (2023) तथा न्यूयॉर्क के मेयर द्वारा वैश्विक संगीत में योगदान के लिए विशेष सम्मान शामिल हैं। हाल ही में उन्हें लंदन में ग्लोबल आइकोनिक आर्टिस्ट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नियोजन एवं आर्थिक विशेषज्ञ डॉ. पंकज नैथानी ने कलाकारों को प्रतीक चिन्ह प्रदान किए। अंत में केंद्र के कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर डॉ. डी. के. पाण्डे, डॉ. लालता प्रसाद, सुंदर सिंह बिष्ट, भारती आनंद, मंजू काला, भारत सिंह रावत, हैरी शेट्टी, शैलेन्द्र नौटियाल तथा चन्द्र बी. रसायली सहित शहर के अनेक संगीत प्रेमी उपस्थित थे।
