उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियंट प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा
देहरादून, 26 सितम्बर। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में आपदा प्रबन्धन विभाग एवं विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियंट प्रोजेक्ट (यू-प्रिपेयर) की समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित सभी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रेषित किए जाएं। उन्होंने कहा कि पीएमयू को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने होंगे। इसके तहत 31 अक्टूबर, 2025 तक ड्राफ्ट सीईआरसी संचालन मैनुअल और ड्राफ्ट आपातकालीन कार्य योजना तैयार कर ली जानी चाहिए।
बैठक में विश्व बैंक के अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू), परियोजना कार्यान्वयन इकाइयां (पीआईयू) और क्षेत्रीय परियोजना कार्यान्वयन इकाइयां (एफपीआईयू) गठित कर दी गई हैं। इनमें कुछ पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि शेष पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत 29 पुलों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिनमें भौतिक और वित्तीय प्रगति दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही वेब-आधारित प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) शुरू कर दी गई है और मोबाइल ऐप सुरक्षा ऑडिट पूरा होते ही लॉन्च किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, परियोजना से प्रभावित परिवारों को भूमि मुआवजा उपलब्ध करा दिया गया है और शिकायत निवारण तंत्र को पूर्णतः कार्यात्मक बना दिया गया है।
इस अवसर पर सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव श्री आनन्द स्वरूप सहित विश्व बैंक के अधिकारी उपस्थित रहे।
