उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने नौकरशाही को दिये नये साल के लिए नये लक्ष्य

By- Usha Rawat-
देहरादून, 30 दिसंबर। नए साल के साथ उत्तराखंड सरकार ने शासन-प्रशासन को और चुस्त-दुरुस्त बनाने और जनता को बेहतर सेवाएँ देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक में लिए गए फैसलों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में डिजिटल उत्तराखंड और लोकहितकारी प्रशासन सरकार की प्राथमिकता रहेगा।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 8 मार्च 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालय की 100 प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिर्फ निर्माण ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित सफाई और रखरखाव की ठोस व्यवस्था भी अनिवार्य होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग को कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। साथ ही विद्यार्थियों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का 2–3 दिवसीय भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे अपने राज्य को बेहतर ढंग से समझ सकें।
आंगनबाड़ी केन्द्र बनेंगे आधुनिक — सीएसआर फंड से विकास
मुख्य सचिव ने सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनबाड़ी मॉडल के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026–27 के सीएसआर फंड का पूरा उपयोग करने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से अपने आसपास के आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेने की अपील की गई है। नए आंगनबाड़ी केन्द्र स्कूलों के पास बनाए जाएंगे, ताकि बच्चों को लगातार बेहतर देखभाल मिल सके।
खेल के क्षेत्र में दूरदृष्टि — 2036 ओलंपिक को लक्ष्य
खेल विभाग को निर्देश दिए गए कि तैयार खेल अधोसंरचना का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शीघ्र शुरू की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि 2036 ओलंपिक में उत्तराखंड के खिलाड़ी प्रतिनिधित्व करें, इसके लिए अभी से खिलाड़ियों की पहचान कर प्रशिक्षण शुरू करना होगा। जिलों में एक-एक प्रमुख खेल को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट–वन स्पोर्ट योजना लागू की जाएगी।
ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक से बदलेगा कामकाज — डिजिटल उत्तराखंड की ओर बड़ा कदम
मुख्य सचिव ने सभी विभागों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति को सैलरी सिस्टम (IFMS) से जोड़ने को कहा गया। इससे समयबद्ध उपस्थिति और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। आईटीडीए को इस दिशा में तेजी से काम करने को कहा गया है। यह कदम आने वाले समय में उत्तराखंड को पूरी तरह डिजिटल प्रशासन की ओर ले जाएगा।
पर्यटन में नई सोच — वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 5–7 वैश्विक स्तर के डेस्टिनेशन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिलों से अपने प्रमुख पर्यटन स्थल और वन डिस्ट्रिक्ट–वन फेस्टिवल के प्रस्ताव मांगे गए हैं, ताकि स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
नए साल से ठीक पहले लिए गए ये फैसले संकेत देते हैं कि सरकार सुविधाओं के विस्तार के साथ पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ा रही है। खासकर ई-ऑफिस, डिजिटल उपस्थिति, आंगनबाड़ी और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास से आने वाला वर्ष आम जनता के लिए राहत और उम्मीद लेकर आएगा।
