उत्तराखंड पुलिस को ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’, सीएम धामी ने बताया ऐतिहासिक गौरव
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस को देश के सर्वोच्च पुलिस सम्मानों में शामिल “राष्ट्रपति पुलिस कलर” से अलंकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के इतिहास का स्वर्णिम और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि उत्तराखंड पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा, वीरता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की राष्ट्रीय मान्यता है।
मुख्यमंत्री आवास में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने मुख्यमंत्री से भेंट कर यह जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक सहित समस्त अधिकारियों, जवानों और पुलिस परिवारों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मान के साथ उत्तराखंड पुलिस देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों की श्रेणी में शामिल हो गई है, जिन्हें उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं के लिए यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से राज्य पुलिस को यह गौरव मिला है।
धामी ने कहा कि “राष्ट्रपति पुलिस कलर” कोई सामान्य अलंकरण नहीं, बल्कि कठोर और बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा, तकनीकी नवाचार और पेशेवर दक्षता जैसे सभी आयामों का गहन परीक्षण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उत्तराखंड Police ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध रोकथाम, पर्यटन सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग में उल्लेखनीय कार्य किया है। आधुनिक तकनीक और स्मार्ट पुलिसिंग के जरिए जनता का भरोसा जीतना इस उपलब्धि का प्रमुख आधार रहा है।
मुख्यमंत्री ने 2013 की केदारनाथ आपदा, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, महाकुंभ और अन्य बड़े आयोजनों में उत्तराखंड पुलिस की भूमिका को विशेष रूप से सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में पुलिस बल ने साहस, संवेदनशीलता और दक्षता का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में यह सम्मान मिलना उत्तराखंड के लिए विशेष महत्व रखता है। डीजीपी दीपम सेठ ने इसे उत्तराखंड पुलिस के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि हर अधिकारी, जवान और उनके परिवारों के समर्पण का परिणाम है।
