मौसम

8 जनवरी तक घने कोहरे में डूबा रहेगा उत्तराखण्ड, पहाड़ी जिलों में बारिश के आसार

देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग देहरादून के अनुसार उत्तराखण्ड के मैदानी जिलों में अगले कई दिनों तक घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। 4 जनवरी से 8 जनवरी तक हरिद्वार, उधमसिंह नगर, देहरादून, पौड़ी, चम्पावत और नैनीताल जिलों के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया रहने की संभावना जताई गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने से आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है।
ग्राउंड फ्रॉस्ट और ‘कोल्ड डे’ की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मैदानी जिलों में कहीं-कहीं ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बन सकती है। वहीं हरिद्वार और कुछ अन्य मैदानी इलाकों में ग्राउंड फ्रॉस्ट (जमाव) की भी संभावना व्यक्त की गई है, जिससे फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है।
8 जनवरी तक ऐसा रहेगा मौसम :
हरिद्वार और उधमसिंह नगर में घना कोहरा, अन्य मैदानी जिलों में भी ठंड दिन की स्थिति रहने की संभावना।
पिथौरागढ़ व चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने के संकेत
5 जनवरी:
हरिद्वार, उधमसिंह नगर, देहरादून, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी में घना कोहरा अपेक्षित।
मैदानी जिलों में ठंड दिन बने रहने और कुछ स्थानों पर ग्राउंड फ्रॉस्ट की चेतावनी।
6 से 8 जनवरी:
लगातार घना कोहरा बना रहेगा। देहरादून सहित मैदानी जिलों में दृश्यता कम रहने की संभावना।
सर्दी का प्रकोप और अधिक बढ़ सकता है।
यातायात और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
कोहरे और ठंड के चलते लोगों से सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचने और गर्म कपड़ों का प्रयोग करने की अपील की गई है। वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट के प्रयोग की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए सलाह
ग्राउंड फ्रॉस्ट की संभावना को देखते हुए किसानों को
✔ संवेदनशील फसलों को ढकने
✔ सिंचाई का उचित प्रबंधन करने
✔ सुबह-सुबह खेतों में गतिविधि से बचने
की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि यह पूर्वानुमान 8 जनवरी तक प्रभावी रहेगा और इस अवधि में उत्तराखण्ड के अधिकतर मैदानी इलाके घने कोहरे की चपेट में रहेंगे, जबकि पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में हल्की बारिश के आसार बने रहेंगे।
उत्तराखण्ड में पहले से ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है और अब कोहरे की वजह से सर्दी और बढ़ने की संभावना है। आम जनता और किसान दोनों वर्गों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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