आपदा/दुर्घटना

भालुओं के बढ़ते हमलों पर उत्तरकाशी प्रशासन सतर्क ग्राम पंचायतों में जागरुकता बैठकें होंगी आयोजित

 

उत्तरकाशी, 29 नवंबर। जिले के ग्रामीण व वन क्षेत्र से सटी बस्तियों में भालुओं के हमलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पंचायतीराज विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि वन्यजीव—विशेषकर भालू—के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन सभी आवश्यक कदम तेजी से उठा रहा है।

ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता बैठकें अनिवार्य
जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) को निर्देशित किया कि सभी ग्राम पंचायतों में स्थानीय बैठकों का आयोजन किया जाए, जिनमें ग्रामीणों को भालू के हमले से बचाव, सावधानियों और त्वरित सूचना तंत्र के बारे में विस्तार से जागरूक किया जाए।

स्वयंसेवक समूह और त्वरित सूचना प्रणाली
उन्होंने कहा कि वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के मद्देनज़र ग्राम स्तर पर स्वयंसेवक समूहों का गठन किया जाए, जो किसी भी घटना की तुरंत सूचना वन विभाग और प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और विशेष टीमें तैनात
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पिछले घटनाक्रम और वन्यजीवों की आवाजाही के आधार पर भालुओं के हमलों के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की प्राथमिकता से पहचान की जाए। इन चिन्हित स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया, निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए विशेष टीमें गठित की जाएं।

जिलाधिकारी ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जनजागरूकता, आपदा प्रबंधन और पर्यावरणीय सतर्कता को जनभागीदारी से जोड़कर सामूहिक प्रयास विकसित करने पर भी जोर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!