उत्तरकाशी में विजय दिवस पर शहीदों को दी गयी श्रद्धांजलि, शौर्य स्थल ज्ञानसू में हुआ मुख्य समारोह
उत्तरकाशी, 16 दिसंबर। भारत–पाक युद्ध की 54वीं वर्षगांठ के अवसर पर विजय दिवस के रूप में जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर देश की सीमाओं की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जिला मुख्यालय स्थित शौर्य स्थल ज्ञानसू में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत सहित अन्य अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भारत–पाक युद्ध के शहीद गार्ड्समैन सुंदर सिंह के चित्र पर पुष्पचक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर राज राइफल्स, आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस तथा एनसीसी की टुकड़ियों द्वारा शहीदों के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। समारोह में शहीद गार्ड्समैन सुंदर सिंह की धर्मपत्नी वीरनारी श्रीमती अमरा देवी को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि विजय दिवस देश के लिए अत्यंत पावन और गौरवशाली दिन है। वर्ष 1971 के युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों ने अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का परिचय देते हुए पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। यह विजय केवल सैन्य सफलता नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और मानवीय मूल्यों की जीत भी थी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए उपस्थित जनसमूह को विजय दिवस की शुभकामनाएं दीं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने 1971 के भारत–पाक युद्ध में भारतीय सेना द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय पराक्रम की सराहना करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए हमें अपने सशस्त्र बलों का सम्मान करना चाहिए तथा उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए।
मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। राष्ट्र सदैव इन जांबाज योद्धाओं का ऋणी रहेगा।
इस अवसर पर विश्वनाथ पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह नेगी, संरक्षक विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति मेजर (सेवानिवृत्त) आर.एस. जमनाल, सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सूबेदार महावीर सिंह राणा सहित विभिन्न अधिकारी एवं पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी एवं पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप सिंह मटूडा ने संयुक्त रूप से किया।
