वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, जांच के आदेश
—हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट—
थराली, 31 मार्च। देवाल विकास खंड के बमोटिया गांव में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने मंगलवार को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के बैनर तले तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) थराली पंकज भट्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि 16 मार्च को वन विभाग की टीम ने बमोटिया गांव में एक निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त कर दिया, साथ ही मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत निर्मित लगभग 100 मीटर लंबी दीवार को भी तोड़ दिया। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बमोटिया गांव में 20-25 परिवार वर्ष 1938 से निवास कर रहे हैं। इनमें से कुछ परिवारों को 30 वर्षों के लिए पट्टे भी जारी किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, इसी वन भूमि पर प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हो रहे हैं। बावजूद इसके वन विभाग द्वारा अतिक्रमण के नाम पर मकानों को तोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बमोटिया के निवासियों को वन भूमि पर स्थायी पट्टे दिए जाएं तथा वन विभाग द्वारा की गई तोड़फोड़ की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में एसडीएम पंकज भट्ट ने तत्काल संज्ञान लेते हुए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व उपनिरीक्षक थराली एवं देवाल की संयुक्त टीम गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। टीम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
प्रदर्शन में यूकेडी के वरिष्ठ नेता भूपाल सिंह गोसाईं, महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष पूजा शर्मा, थराली ब्लॉक अध्यक्ष पृथ्वी सिंह नेगी, महिला मोर्चा देवाल अध्यक्ष हेमा गड़िया, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष पंकज सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे। ज्ञापन पर रमेश राम, भूपाल राम, दयाल राम, रूपा देवी, जसी देवी, लीला देवी, सुरेश राम, भरत राम, सूजान राम, गंगा राम, विशन राम, भूवन राम, जयवीर राम सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी अंकित हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग की इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए थराली विधानसभा क्षेत्र के वन क्षेत्रों में निवासरत परिवारों को स्थायी पट्टा एवं मालिकाना हक दिए जाने की मांग भी दोहराई है।
