मसूरी जार्ज एवरेस्ट में कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर जिलाधिकारी देहरादून को दिया ज्ञापन
मसूरी/देहरादून, 12 जनवरी। मसूरी स्थित जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग पर सार्वजनिक सड़क पर कथित रूप से प्रवेश शुल्क वसूले जाने और पर्यटकों को रोके जाने के मामले को लेकर मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति ने गहरी नाराजगी जताई है। इस संबंध में समिति की ओर से जिलाधिकारी देहरादून को एक ज्ञापन सौंपा गया।
संघर्ष समिति के संयोजक लूशुन टोडरिया ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी प्रकार का प्रवेश शुल्क वसूलने को स्पष्ट रूप से अवैध घोषित किया गया है। इसके बावजूद जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग पर कथित रूप से न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को रोके जाने, उनसे शुल्क वसूले जाने और उनके साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे न केवल कानून व्यवस्था से जुड़े प्रश्न खड़े होते हैं, बल्कि राज्य की पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुँच रहा है।
लूशुन टोडरिया ने मांग की कि अवैध रूप से वसूले जा रहे प्रवेश शुल्क पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय लोग जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में संबंधित कंपनी के विरुद्ध शांतिपूर्ण घेराव करने को बाध्य होंगे।
संघर्ष समिति के सदस्य राकेश नेगी ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह संबंधित कंपनी से न्यायालय के आदेशों का सख्ती से अनुपालन कराए और यदि किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
वहीं संघर्ष समिति के प्रभारी प्रमोद काला ने कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने आवश्यक हैं।
इस अवसर पर पहाड़ स्वाभिमान सेना के पंकज उनियाल ने भी प्रशासन से आग्रह किया कि वह इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए न्यायालय की गरिमा बनाए रखे और आम जनता एवं पर्यटकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।

