तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फार्मेसी कॉलेज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह में व्हाइट कोट सेरेमनी

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ख़ास बातें : 

  • फार्मा क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं
  • पंजीकरण की नई ऑनलाइन व्यवस्था भी समझाई
  • रंगोली में अमन की टीम रही अव्वल
  • भाषण प्रतियोगिता में अभिजीत ग्रुप जीता

मुरादाबाद, 3  दिसंबर ( भाटिया)। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फार्मेसी कॉलेज की ओर से राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के तहत एनेस्थेटिका कार्यक्रम में वाद विवाद, रंगोली, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रेजेंटेशन, रक्त दान शिविर, क्लास डेकोरेशन जागरुकता रैली, नाटक आदि प्रतियोगिताएं हुईं। रंगोली प्रतियोगिता में फार्म डी के अमन की टीम प्रथम और डी फार्मा के अंकित, अंशु की टीम द्वितीय स्थान पर रही। वाद-विवाद प्रतियोगिता में फार्म डी के छात्रों ने विभिन्न विषयों पर तथ्यपूर्ण और ज्ञानवर्धक बिंदुओ के साथ भाषण प्रस्तुत किए गए। जिसमें अभिजीत, आदर्श, एलिना, हन्नान की टीम ने जीत हासिल की। व्हाइट कोट सेरेमनी में सीनियर फार्म डी के छात्रों ने जूनियर छात्रों को एप्रन पहनाया और फार्मसिस्ट की प्रतिज्ञा दिलाकर कर्तव्य बोध और समाज के प्रति जिम्मेदारी को बताया। उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन श्री संदीप बडोला और उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के सेक्रेटरी श्री हेमंत चौधरी की कार्यक्रम में गरिमामयी मौजूदगी रही।

उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन श्री संदीप बडोला 61वें राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह पर बोले, यूनिवर्सिटी फार्मेसी संस्थान को आवश्यक और एडवांस सुविधाएं देकर उत्कृष्टता की ओर ले जा रही है। उन्होंने ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के उपयुक्त अनुपालन और नियमों के सशक्तिकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया। कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में फार्मासिस्ट की अतुलनीय भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फार्मा क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं है। श्री बडोला ने छात्रों से कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें और प्रायोगिक कार्य कर हिंदुस्तान में फार्मेसी प्रोफेशन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के सेक्रेटरी श्री हेमंत ने फार्मसिस्ट के फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण और नवीनीकरण की नई ऑनलाइन व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया।

 

फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग वर्मा बोले, फार्मासिस्ट बहुमुखी प्रतिभा का धनी होता है, जो शिक्षा और व्यवसाय से लेकर विभिन्न विधाओं में सक्रिय रूप से अपना योगदान देता है। वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सुभाष डिंडा ने आउटरीच गतिविधियों को करने लिए प्रेरित किया ताकि फार्मासिस्ट की स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका को समाज के सामने प्रस्तुत किया जा सके। फार्म डी के विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष मित्तल ने फार्मेसी के प्रतीक चिन्ह का एक महत्त्वपूर्ण भाग बाउल ऑफ हेजिया के बारे और फॉर्मेसी विज्ञान के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।

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