पोखरी के गावों में जंगली जानवरों का आतंक, किसान परेशान

क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की मांग उठी
पोखरी, 20 अगस्त (राणा)। विकास खंड के डुंगर, तोणजी, काणडई चंद्रशिला, रडुवा, किमोठा, सलना, डाडाडा, गुणम, नैल नौली, त्रिशूला, सेम साकरी और रौता पोगठा सहित तमाम ग्राम सभाओं में भालू, बंदरों, लंगूरों और जंगली सूअरों का आतंक गहराता जा रहा है। इन जानवरों ने ग्रामीणों की धान, कौणी, झंगोरा, तिल, मडुवा, मक्का, चौलाई, आलू और साग-सब्जियों की खेती को बुरी तरह चौपट कर दिया है। किसानों की छह माह की कड़ी मेहनत पर पानी फिर जाने से वे हैरान और परेशान हैं और भविष्य के खाद्यान्न संकट को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार नुकसान झेलने से उनका खेती-बाड़ी से मोह भंग होता जा रहा है। डुंगर के काश्तकार बीरेंद्र सिंह नेगी, तोणजी के मुकेश नेगी और मनोज नेगी, गुणम के जीत सिंह नेगी सहित अन्य किसानों ने बताया कि जंगली जानवरों ने उनकी अधिकांश फसलें बर्बाद कर दी हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण काश्तकारों ने वन विभाग से मांग की है कि उन्हें इन जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाई जाए और क्षतिग्रस्त फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए।
इस संबंध में जब केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में वनकर्मियों की टीम भेजी जाएगी।
