नरेंद्रनगर महाविद्यालय में महिला सम्मान समारोह एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित

नरेंद्रनगर, 21 नवंबर। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं के सम्मान तथा संवेदीकरण विषय पर राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर की आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ एवं नगर पालिका परिषद के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पॉश अधिनियम संवेदीकरण कार्यशाला में अपने विचार रखते हुए कहा कि किसी भी महिला के साथ अन्याय या उत्पीड़न की स्थिति में राज्य महिला आयोग सदैव उसके साथ खड़ा है। उन्होंने कामकाजी महिलाओं से आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ की भूमिका का लाभ उठाने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने की अपील की। कंडवाल ने महिला स्वास्थ्य, नशा मुक्ति तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा ने कहा कि यह कार्यक्रम पुरुष विरोध का नहीं, बल्कि महिलाओं में अधिकारों, सुरक्षा और जागरूकता के संबल को मजबूत करने का प्रयास है।
अवकाशप्राप्त प्राचार्य प्रो. जानकी पवार ने कहा कि महिलाएँ अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर चुकी हैं, फिर भी शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को और सशक्त करने की आवश्यकता है।
जोशीमठ राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रीति कुमारी ने पॉश एक्ट की प्रमुख धाराओं पर प्रकाश डाला तथा वीर रस की कविताओं के माध्यम से महिलाओं के साहस और जज़्बे को उपस्थित जनों के समक्ष रखा।
थाना नरेंद्रनगर की उप निरीक्षक हेमलता ने महिला एवं साइबर अपराधों से संबंधित जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य प्रो. प्रणीता नंद ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए पॉश एक्ट की आवश्यकता, प्रावधानों एवं इससे जुड़े संवैधानिक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
इससे पूर्व आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. नताशा ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यशाला के उद्देश्य तथा पॉश एक्ट की महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम में नगर पालिका नरेंद्रनगर की 15 महिला कर्मचारी, पॉलिटेक्निक की 2, तहसील की 2 स्वच्छता मित्र, थाना नरेंद्रनगर के 8 पुलिसकर्मी, 6 प्राध्यापिकाएँ, शिक्षणेत्तर वर्ग की 6 महिलाएँ, कौशल विकास से 1, पत्रकारिता से 1 प्रतिनिधि, 6 विशिष्ट अतिथि तथा 35 छात्राओं को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं पुष्पमालाओं के साथ सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, कविता पाठ तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली उत्तराखंड की प्रेरणादायी महिलाओं से जुड़ी यूट्यूब प्रस्तुति भी प्रदर्शित की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजपाल रावत, डॉ. सुधारानी एवं डॉ. सृजना सचदेवा ने संयुक्त रूप से किया।
विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों तथा कॉलेज समुदाय की सक्रिय उपस्थिति में महिला सम्मान समारोह एवं संवेदीकरण कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
