हिंदी दिवस पर स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ में गोष्ठी का आयोजन

-पोखरी से राजेश्वरी राणा –
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में हिन्दी दिवस धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर हिंदी विभाग द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

प्रभारी प्राचार्य एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ नंदकिशोर चमोला द्वारा हिंदी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया तथा हिमवन्त कवि चंद्रकुवर वर्तवाल द्वारा रचित कविताओं को पढ़ कर उनके महत्व को समझाया गया । छात्रा कु अंशिका ने हिन्दी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी भाषा को अनिवार्य विषय बनाने की जरुरत है ।
कु0 शालिनी ने कहा कि हिन्दी भाषा हमें एक दूसरे से जोड़ती है ।यह जाति, क्षेत्र, वेश भूषा को खत्म कर हमें एकता के सूत्र में बांधती है । डा0 शशि चौहान ने हिन्दी भाषा के बारे में अपने विचार रखे। डा0 कंचन सहगल ने “जो बात बीत गयी” हरिवंश राय बच्चन द्बारा रचित कविता पढ़कर उसके महत्व को समझाया ।
गोष्ठी में डा० रेनू सनवाल ने कहा कि हिन्दी जाति ,भाषा क्षेत्र ,वेश भूषा को खत्म कर हम सब भारत वासियों को एकता के सूत्र में जोड़ती है । डा0वर्षा सिंह ने जयशंकर प्रसाद की कविता कामायिनी के नारी तुम श्रद्धा हो ,क्या कहते हो ठहरो नारी कविता पढ़कर सुनाई और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। डा0 प्रवीण मैठाणी ने हिंदी का लिहाज कीजिए पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा हिन्दी जोड़ने का कार्य करती है ।क्यों लिखते हो यूं ही कविता पढ़ी ।
कार्यक्रम का संचालन डा नन्द किशोर चमोला ने किया । इस अवसर पर डा0 ए के श्रीवास्तव,डा0 अंजली रावत, डा0 रेनू सनवाल, डा0 अनिल कुमार, डा0 शाजिया सिद्दकी, डा0 जगजीत सिंह, डा0 अनूप सिंह, डा0 सुनीता मेहता, डा0 राजेश भट्ट,डा0 आरती रावत, डा0 आयुश वर्तवाल, सहित तमाम महाविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद थे ।
