शिक्षा/साहित्य

संस्कृत विद्यार्थियों के लिए 17 दिवसीय अंतरज्ञान प्रशिक्षण शुरू, शिक्षकों के लिए ‘आनंद कार्यक्रम’

देहरादून, 26 सितंबर। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग की पहल पर संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए 17 दिवसीय अंतरज्ञान प्रशिक्षण तथा शिक्षकों के लिए ‘आनंद कार्यक्रम’ शुरू किया गया है। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में एकाग्रता, आत्मविश्वास और अंतर्निहित क्षमताओं का विकास तथा शिक्षकों को तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन के लिए प्रशिक्षित करना है।
श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला तथा समापन सत्र में कैबिनेट मंत्री खजान दास उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार का कार्यक्रम देश में पहली बार आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय, श्रीमद् दयानंद आर्ष ज्योतिर्मठ गुरुकुल, श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय और द्रोणस्थली आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने विभिन्न संस्कृत विद्यालयों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों के सर्वांगीण विकास में उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने संस्कृत शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण बताया।
आयोजकों के अनुसार विद्यार्थियों के प्रशिक्षण में एकाग्रता, अंतरज्ञान, आत्मविश्वास और आंतरिक क्षमताओं के विकास से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। प्रशिक्षण में आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़ने जैसी गतिविधि भी कराई जा रही है। विभिन्न अभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों की एकाग्रता और मानसिक क्षमताओं को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षकों के लिए आयोजित ‘आनंद कार्यक्रम’ में तनाव प्रबंधन, सकारात्मक दृष्टिकोण, मानसिक शांति और प्रसन्न जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग गतिविधियों और अभ्यासों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य, श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय के प्रबंधक आचार्य पवन कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य भरतराम तिवारी, डॉ. रामभूषण बिजलवान, गौरव बक्शी, बी.एम. शर्मा, शम्भू थापलियाल, दिनेश कालिया, अभिलाष शर्मा और स्थानीय पार्षद महेंद्र कौर कुकरेजा सहित विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से आचार्य पवन कुमार शर्मा ने अतिथियों, आयोजकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

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