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चारधाम यात्रा में अब तक 798 टन कचरा एकत्रित, प्लास्टिक के निस्तारण पर विशेष जोर

 

देहरादून, 26 सितंबर। चारधाम यात्रा के दौरान इस वर्ष अब तक केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम तथा यात्रा मार्गों से करीब 798 टन कचरा एकत्रित किया गया है। राज्य सरकार के अनुसार चारधाम यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए कचरे के संग्रह, पृथक्करण, निस्तारण और प्लास्टिक के पुनर्चक्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में संबंधित नगर पंचायतें विशेष सफाई अभियान चला रही हैं, जबकि यमुनोत्री क्षेत्र में सफाई व्यवस्था जिला पंचायत के जिम्मे है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान के बाद श्रद्धालुओं में भी धामों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने को लेकर जागरूकता बढ़ी है।

केदारनाथ धाम नगर पंचायत क्षेत्र में इस यात्रा सीजन में अब तक 32 टन ठोस कचरा एकत्रित किया गया है। इसमें करीब 20 टन प्लास्टिक कचरा है। शहरी विकास विभाग ने इस बार यहां एक अतिरिक्त कॉम्पेक्टर मशीन भी लगाई है। एकत्रित ठोस कचरे को गौरीकुंड पहुंचाया जा रहा है, जहां से आगे इसके निस्तारण और नीलामी की प्रक्रिया की जाएगी। केदारनाथ पैदल मार्ग पर सफाई का जिम्मा संभाल रही सुलभ इंटरनेशनल ने अब तक करीब 270 टन ठोस कचरा एकत्र किया है। इसमें से साढ़े छह टन प्लास्टिक कचरा पुनर्चक्रण के लिए भेजा जा चुका है।

बद्रीनाथ धाम में इस यात्राकाल में अब तक सर्वाधिक 393 टन कचरा एकत्रित हुआ है। इसमें 161 टन सूखा कचरा शामिल है। नगर पंचायत की ओर से धाम में ही ठोस कचरे को कॉम्पेक्ट किया जा रहा है। अब तक करीब 24 टन प्लास्टिक कचरा अलग किया गया है। इसमें पानी की खाली बोतलों की मात्रा सबसे अधिक बताई गई है। इस प्लास्टिक कचरे को नीलामी के लिए तैयार किया जा रहा है।

गंगोत्री धाम में अब तक 98 टन कचरा एकत्रित किया गया है। नगर पंचायत ने इसमें से 22 टन प्लास्टिक कचरे को पुनर्चक्रण के लिए भेजकर करीब 55 हजार रुपये की आय भी अर्जित की है। इसके अलावा कचरे से ढाई टन खाद तैयार की गई है। धाम क्षेत्र में नगर पंचायत प्रतिदिन विशेष सफाई अभियान भी चला रही है।

यमुनोत्री धाम और यात्रा क्षेत्र से अब तक 4.85 टन प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया है। इसमें 1,790 किलो कचरा जानकीचट्टी बाजार से ग्रामीण बाजार डामटा तक तथा 3,060 किलो जानकीचट्टी से खरसाली बाजार क्षेत्र से एकत्रित किया गया है। यहां सफाई व्यवस्था जिला पंचायत संभाल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम आस्था और संस्कृति के साथ हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी का भी हिस्सा हैं। सरकार चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चारों धामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और प्लास्टिक के पुनर्चक्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और व्यापारियों की सहभागिता भी आवश्यक है।

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