Uncategorized

धौलपुर में नये छात्रावास और वृंदावन में किया त्यागी आश्रम का भूमिपूजन

 

*समाज सेवा के क्षेत्र में डा.जयप्रकाश त्यागी ने बनाई अलग पहचान*

धौलपुर, 28 अगस्त ( बीके त्यागी)। अखिल भारतीय गालव पूर्व त्यागी ब्राहमण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रमुख उद्योगपति एवं केआरएस ग्रुप के चेयरमैन डा0 जयप्रकाश त्यागी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। विनम्रता, सादगी, मिलनसार स्वभाव तथा आध्यात्मिक सम्पदा के धनी डाक्टर जयप्रकाश त्यागी ने धर्मार्थ कार्यों और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

मूल रूप से धौलपुर (राजस्थान) के रहने वाले डा0 जयप्रकाश त्यागी अपने राज्य से बाहर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और‌ मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में भी धार्मिक और सामाजिक कार्य कर रहे हैं। आज डा0 जयप्रकाश त्यागी ने धौलपुर में नये त्यागी छात्रावास का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि आज का छात्र कल का भविष्य है। भारतवर्ष का भविष्य उज्जवल तभी होगा जब हमारे छात्र ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों से परिपूर्ण होकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढें। डाक्टर त्यागी ने कहा कि मेरा हृदय से प्रयास रहेगा कि हमारे समाज का कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए। शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्हें वे सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए जिससे उनका कैरियर/भविष्य मजबूत बन सके।

डा. त्यागी ने कहा कि यह छात्रावास केवल मेरा ही प्रयास नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक संकल्प है‌। इसमें धौलपुर और आसपास के बड़े बुजुर्गो का आशीर्वाद और भाइयों का सहयोग है‌। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि यह छात्रावास भावी पीढी के लिए ज्ञान का मंदिर बने और यहां से शिक्षित होकर निकलने वाला हर छात्र समाज और राष्ट्र की सेवा एवं उत्थान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए‌।

इससे पूर्व डा0 जयप्रकाश त्यागी ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म एवं कर्मस्थली वृंदावन में त्यागी आश्रम का भूमिपूजन और शिलांन्यास किया। यह आश्रम तीन मंजिला बनाया जायेगा। आश्रम‌ में साधु-संतों, श्रद्धालु-भक्तों और गरीब लोगों के लिए नि:शुल्क श्याम रसोई का शुभारंभ किया गया। यह रसोई आजीवन नि:शुल्क चलाई जायेगी।

डा0 जयप्रकाश त्यागी ने प्रयागराज महाकुंभ के मौके पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा उत्तराखंड आदि राज्यों के 25000 हजार से भी अधिक श्रद्धालु-भक्तों को कुंभ स्नान कराने के लिए 500 बसों की नि:शुल्क व्यवस्था की थी, जो एक बहुत ही सराहनीय कदम था।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!