जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के लिए 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की
देहरादून, 28 अगस्त : देहरादून के तीन दिवसीय दौरे पर आए एक उच्च स्तरीय जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों हेतु 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर द्वारा प्रदान की जाने वाली ये छात्रवृत्तियाँ दून विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, और जर्मनी में रोजगार के अवसर तलाशने में सक्षम बनाएंगी।
यह घोषणा दून विश्वविद्यालय में आयोजित “गेटवे टू जर्मनी – ब्रिजिंग स्किल गैप्स, बिल्डिंग फ्यूचर्स” नामक एक संवादात्मक सत्र के दौरान की गई, जिसमें 500 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रवृत्ति के तहत चयनित विद्यार्थियों का शिक्षा शुल्क, वीज़ा शुल्क, यात्रा व्यय, आवास, और अन्य आवश्यक खर्चों का पूर्ण वहन किया जाएगा।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कहा: “वैश्विक नौकरी बाजार में सफलता के लिए भाषा दक्षता और कौशल विकास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उत्तराखंड सरकार जर्मनी के साथ साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हमारे युवाओं को वैश्विक मंच पर अवसर प्राप्त हों। कल हम जर्मनी के साथ एक आशय पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर करेंगे, जो प्रौद्योगिकी, उभरते क्षेत्रों, और कौशल विकास में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देगा।”
जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर श्री डेविड रेंडल (David Rendel), जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार श्री सौरभ भगत, और इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ श्री स्टीफन विट्टेकिंड (Stephen Wittekind) शामिल थे। प्रतिनिधियों ने बताया कि जर्मनी उत्तराखंड के साथ शिक्षा, प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल समाधान, कौशल निर्माण, और नवाचार आधारित उद्यमों में सहयोग के लिए उत्सुक है। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक अवसर प्रदान करना और भारत-जर्मनी के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर उत्तराखंड के कौशल विकास एवं रोजगार सचिव श्री सी. रवि शंकर, उच्च शिक्षा सचिव श्री रंजीत कुमार सिन्हा, और दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल भी उपस्थित थीं। प्रो. डंगवाल ने इस साझेदारी को विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।
